टाटा स्टील द्वारा संचालित प्री-मैट्रिक कोचिंग ने दिखाई ग्रामीण विद्यार्थियों को सफलता की राह

 

मैट्रिक परीक्षा में वेस्ट बोकारो के 97.3 प्रतिशत विद्यार्थी हुए सफल्

संवाददाता,जमशेदपुर, 27 मई,

प्री-मैट्रिक कोचिंग टाटा स्टील रूरल डेवलपमेंट सोसायटी द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किये जा रहे प्रमुख हस्तक्षेपों में से एक है, जिसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि वंचित तबके के समुदायों के जरूरतमंद और पढ़ने के प्रति उत्सुक छात्रों को बेहतरीन शिक्षा सुलभ करायी जा सके। प्री-मैट्रिक कोचिंग प्रदान करने का प्राथमिक उद्देश्य छात्रों के बुनियादी ज्ञान को मजबूत करना और यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें अच्छी शिक्षा मिल सके, और यह आगे चलकर उनके द्वारा परीक्षा में किये गये प्रदर्शन में परिलक्षित हो सके। कोचिंग कक्षाओं का लक्ष्य अंग्रेजी, गणित और विज्ञान जैसे तीन विषयों में छात्रों को विशेष मार्गदर्शन देना और उनके प्रदर्शन में सुधार करना है।टाटा स्टील रूरल डेवलपमेंट सोसायटी द्वारा वेस्ट बोकारो में 10वीं कक्षा के 374 छात्रों को प्रदान की गयी 8माह के प्री-मैट्रिक कोचिंग के परिणामस्वरूप, छात्रों ने झारखंड शिक्षा परिषद् के वार्षिक माध्यमिक बोर्ड परीक्षामें बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हाल ही में घोषित परीक्षाफल के अनुसार, 10वीं कक्षा के 374 छात्रों ने बोर्ड कपरीक्षा दी थी, जिसमें से 364 छात्र (97.3 प्रतिशत) सफल रहे। वित्त वर्ष 2013-14 में, टाटा स्टील वेस्ट बोकारो की सीएसआर इकाई यानी टाटा स्टील रूरल डेवलपमेंट सोसायटी द्वारा 10वीं कक्षा के 374 विद्यार्थियों को प्री-मैट्रिक कोचिंग प्रदान की गयी थी, जिसमें 364 छात्र सफल रहे। सफल छात्रों में से 28 छात्रों ने 70 प्रतिशत से ज्यादा अंक (डिस्टिंक्शन) हासिल किये हैं और 153 प्रथम श्रेणी मे उत्तीर्ण हुए हैं। वेस्ट बोकारो में 5 कोचिंग सेंटरों में से बड़गांव में संचालित कोचिंग सेंटर का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा है जहां 78 छात्र परीक्षा में शामिल हुए, जिसमें से 42 छात्र प्रथम श्रेणी (53 प्रतिशत) में उत्तीर्ण हुए।श्री संजय राजोरिया, जेनरल मैनेजर, वेस्ट बोकारो ने सभी सफल छात्रों को उनके बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं साथ ही जरूरतमंदों को प्राथमिक शिक्षा एवं पेशेवर शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में टाटा स्टील की प्रतिबद्धता दोहराई।

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