
जमशेदपुर : बिहार के ग्रामीण विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री ने झारखंड के कुड़मियों को आदिवासी का दर्जा देने की वकालत की है. उन्होंने कहा कि झारखंड में सीएनटी एक्ट लागू है, जिसमें 54 जाति को शामिल किया गया है, इसमें कुड़मी भी एक है. इन सबको इंसाफ मिलना चाहिये तथा इस एक्ट के दायरे में आनेवाले सभी जाति को एक समान अधिकार मिलना चाहिये. दूसरे जाति को जो अधिकार मिल रहा है, कुड़मियों को इससे वंचित नहीं किया जाना चाहिये. वे आज गोपाल मैदान में आयोजित करम महोत्सव में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.
श्री कुमार ने कहा कि बिहार सरकार ने विकास के पथ पर अपना अभियान जारी रखे हुए है. विशेषकर पर्यावरण व मुलभूत सुविधा पर सरकार काफी संजीदा है. बिहार के हर गांव को वर्ष 2020 तक स्मार्ट बनाने की योजना पर काम हो रहा है. सरकार ने बिहार के सभी लोगों से कम से कम एक-एक पौधा लगाने की अपील की है, ताकि हरियाली क्षेत्र के प्रतिशत को बढ़ाया जा सके. उसी तरह सभी लोगों को नल का पानी मुहैया कराने का भी ब्लू प्रिंट तैयार किया जा चुका है. एक सर्वे के मुताबिक वर्ष 2016 के पूर्व मात्र 6 प्रतिशत लोगों को ही नल का पानी नसीब था, लेकिन सरकार ने वर्ष 2020 तक सौ प्रतिशत लोगों तक नल का पानी पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है.



