
जमशेदपुर।


सिदगोड़ा स्थित टिस्को टेक्निकल प्रोबेशनर्स एसोसिएशन हॉल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बोलते हुए कोल्हान विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ लक्ष्मण प्रसाद ने हिंदी रंगमंच की विशिष्ट प्रतिभा गिरीश कर्नाड के निधन को समस्त भारतीय भाषाओं के साहित्य की अपूरणीय क्षति कहा। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। एक साथ वे नाटककार, रंगमंच तथा सिनेमा के प्रखर अभिनेता, साहित्य सर्जक और विशिष्ट बुद्धिजीवी थे। उनके निधन से भारतीय साहित्य जगत ने एक अप्रतिम वाणी पुत्र खो दिया है। इस अवसर पर अपने वक्तव्य में आशुतोष कुमार झा ने उनके नाटकों की चर्चा की और उनके विशिष्ट साहित्यिक अवदान पर प्रकाश डाला। 2 मिनट मौन रहकर तथा मोमबत्ती जलाकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इस गोष्ठी में विशाल सिंह, अर्चना कुमारी, अविनाश कुमार शर्मा, अभिनव कुमार, संदीप घोष, सिरिल, अंकुर सारस्वत तथा अक्षर अनंत भी उपस्थित थे।

