जमशेदपुर। दक्षिण पूर्व रेलवे ने कर्मचारियों की कार्यशैली और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। रेलवे प्रशासन ने ड्यूटी के दौरान व्लॉगिंग, वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है। यह आदेश 3 दिसंबर 2025 को जारी किया गया, जिसके बाद खड़गपुर, चक्रधरपुर, रांची और आद्रा—दक्षिण पूर्व रेलवे के चारों मंडलों—में इसे सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की जांच में पाया गया कि कई कर्मचारी ड्यूटी के समय सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाते, रील शूट करते और लाइव स्ट्रीमिंग तक करते हैं। रेलवे ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता, सुरक्षा में खतरा और सरकारी गोपनीयता के उल्लंघन की श्रेणी में रखा है। अधिकारियों का कहना है कि कार्यस्थल पर इस तरह की गतिविधियाँ संचालन को बाधित करती हैं और संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी अनजाने में सार्वजनिक हो सकती है।
स्टेशन से लेकर कंट्रोल रूम तक कहीं भी रिकॉर्डिंग नहीं
निर्देश में साफ कहा गया है कि कर्मचारी वर्दी में रेलवे के किसी भी परिसर—स्टेशन, प्लेटफॉर्म, ट्रेन, वर्कशॉप, यार्ड, कंट्रोल रूम, डिपो या कार्यालय—में किसी भी प्रकार का वीडियो, फोटो या कंटेंट नहीं बना सकेंगे। सुरक्षा कारणों से इन स्थानों को प्रतिबंधित क्षेत्र माना गया है और यहां वीडियो बनाना यात्रियों और संचालन दोनों के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है।
मोबाइल फोन का उपयोग भी सीमित
रेलवे ने मोबाइल फोन उपयोग को लेकर भी नई गाइडलाइन जारी की है। कर्मचारियों को अपने निजी मोबाइल का इस्तेमाल सिर्फ जरूरत पड़ने पर और वह भी निर्धारित ब्रेक समय में ही करने की अनुमति होगी। ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया का उपयोग, वीडियो रिकॉर्डिंग या लाइव स्ट्रीमिंग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। रेलवे का कहना है कि मोबाइल उपयोग से ध्यान भटकने पर न केवल काम प्रभावित होता है, बल्कि संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें लीक होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
आदेश तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई
रेलवे प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों पर रेलवे सर्वेंट्स (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स के तहत कठोर विभागीय कार्रवाई होगी। इसमें बड़ी पेनल्टी, निलंबन सहित अन्य दंड भी शामिल हो सकते हैं। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में इस आदेश को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे का कहना है कि यह कदम अनुशासन, सुरक्षा, गोपनीयता और संस्था की पेशेवर छवि को मजबूत करने के लिए अत्यंत आवश्यक था। प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि यह नई नीति कर्मचारियों को कार्य पर अधिक केंद्रित करेगी और संवेदनशील सूचनाओं के दुरुपयोग को रोकेगी।
