
जमशेदपुर / चक्रधरपुर: बिहार और झारखंड के बीच रेल यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। दक्षिण पूर्व रेलवे (South Eastern Railway) ने टाटानगर से बक्सर के बीच चलने वाली लोकप्रिय ट्रेन संख्या 18183/18184 टाटानगर-बक्सर-टाटानगर एक्सप्रेस में स्थायी रूप से कोच की संख्या बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस फैसले से अब यात्रियों को आसानी से कन्फर्म टिकट मिल सकेगा और वेटिंग लिस्ट की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी।

READ MORE :JAMSHEDPUR NEWS: दक्षिण बिहार एक्सप्रेस के इंजन बदलने का ADITYAPUR में हुआ ट्रायल, टाटानगर में बचेगा समय
20 से बढ़कर 21 हुई कोचों की कुल संख्या
चक्रधरपुर रेल मंडल द्वारा मंगलवार को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, टाटानगर-बक्सर एक्सप्रेस में एक एलडब्ल्यूएससीजेड (LWSCZ) यानी सेकेंड क्लास चेयर कार (2S) कोच को स्थायी रूप से जोड़ा जा रहा है। इस नए कोच के जुड़ने के बाद ट्रेन की कुल संरचना (Composition) में विस्तार हुआ है। पहले यह ट्रेन 20 कोचों के साथ पटरी पर दौड़ती थी, लेकिन अब इस अतिरिक्त सिटिंग कोच के जुड़ने से ट्रेन में कुल 21 कोच हो जाएंगे। इससे एक ही ट्रिप में अधिक संख्या में यात्री अपना सफर तय कर सकेंगे।
5 और 6 जून से लागू हो जाएगी नई व्यवस्था
रेलवे ने इस नई व्यवस्था को लागू करने की तारीखों का भी ऐलान कर दिया है। यह अतिरिक्त कोच दोनों दिशाओं (अप और डाउन) से लगने शुरू हो जाएंगे, जिससे दोनों राज्यों के यात्रियों को समान रूप से फायदा मिलेगा:
ट्रेन संख्या 18183 टाटानगर-बक्सर एक्सप्रेस: टाटानगर स्टेशन से खुलने वाली इस ट्रेन में यह नई व्यवस्था 5 जून 2026 से प्रभावी हो जाएगी।
ट्रेन संख्या 18184 बक्सर-टाटानगर एक्सप्रेस: वहीं, वापसी में बक्सर स्टेशन से खुलने वाली इस ट्रेन में 6 जून 2026 से बढ़ा हुआ कोच लगा रहेगा।
READ MORE :INDIAN RAILWAYS; बिहार के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी, बरौनी और दरभंगा से नई दिल्ली के लिए क्लोन स्पेशल ट्रेनों का हुआ विस्तार
बिहार जाने वाले यात्रियों को मिलेगी कन्फर्म सीट, सफर होगा आसान
लौहनगरी जमशेदपुर (टाटानगर) से बक्सर, आरा और पटना की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या हमेशा अधिक रहती है। खासकर गर्मी की छुट्टियों, पर्व-त्योहारों और लगन के दौरान इस रूट पर भारी भीड़ देखने को मिलती है। लंबी वेटिंग लिस्ट के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। दक्षिण पूर्व रेलवे के इस कदम से सेकेंड क्लास सिटिंग (2S) में सफर करने वाले दैनिक और आम यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। सीट क्षमता बढ़ने से अब लोगों का सफर न केवल आरामदायक और सुरक्षित होगा, बल्कि कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना भी काफी बढ़ जाएगी।


