शेखपुरा-राजद समर्थक टेम्पों चालक भिड़ा ट्रैफिक पुलिस से , शहर की यातायात व्यवस्था पर लगा प्रश्न चिन्ह ।

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ललन कुमार 
शेखपुरा।

बिहार सरकार के ट्रैफिक पुलिस को टेम्पो चालक कुछ नहीं समझ रहे हैं ।जिले के नगर क्षेत्र के चांदनी चौक पर लगने वाले हमेशा जाम की समस्या से आम लोंगों को छुटकारा दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने ट्रैफिक पुलिस को कुछ हाल ही के दिनों से तैनात किया है ताकि यातायात व्यवस्था नियंत्रित रहे और आम लोंगों को आवागमन में कोई परेशानी न हो सके ।लेकिन उन ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों को पालन करने को टेम्पो चालक तैयार नहीं है।जरा सी ट्रैफिक पुलिस ने टेम्पो चालकों को चांदनी चौक पर टेम्पो को स्थायी रूप से  लगाने से मना किया तो उलटे टेम्पों चालक ट्रैफिक पुलिस से यह कहते भीड़ गए कि किसकी मजाल है जो यहां टेम्पो लगाने से रोक सके ।टेपों चालकों की दबंगता ऐसी की जिला प्रशासन् भी उसके सामने बौनी दिख रही है ।कई बार जिला प्रशासन ने टेम्पो चालकों को निर्देश जारी कर कहा है कि टेम्पो चालक अपने वाहन को स्टैंड में लगाएं ।यात्री ढोकर वाहन ले जा रहे हैं तो जहां तहाँ यात्री को उतार कर वाहन लेकर चलते बने ।उस स्थल पर ज्यादा देर टेम्पों न लगाएं ताकि मुख्य सड़क मार्ग पर जाम न लग सके ।लेकिन टेम्पों चालकों ने जिला प्रशासन के इन निर्देशों को ठेंगा दिखाते हुए मुख्य मार्ग पर जहां तहाँ टेम्पो पड़ाव बना लिया है ।पिछले दिनों डीएम दिनेश कुमार ने एसपी,थानेदार ,नगर परिसद के पदाधिकारी, परिवहन विभाग के पदाधिकारी समेत अन्य पदाधिकारियो के साथ बैठक कर आदेश जारी किया था कि जहां तहाँ से खुलने वाले बस और टेम्पों अपने अपने स्टैंडों  से खुलवाएं ताकि शहर में जाम की समस्या न रहे ।यदि  टेम्पो चालक या बस संचालक ऐसा नहीं करते हैं तो उन पर कार्रवाई करें ।आनन फानन में डीएम के इस आदेश का पालन करने के लिए बसों और टेम्पो को थानेदार और परिवहन पदाधिकारी ने उनके स्टैंडों में लगवाया और वहीं से विभिन्न जगहों के लिए खुलवाया ।लेकिन यह चार दिन की चांदनी फिर अँधेरी रात वाली बात जैसी हो गयी ।फिर से टेम्पो चालक अपने टेम्पों को जहां तहाँ पार्किंग बनाकर शहर की यातायात व्यवस्था को चौपट कर रखा है ।बताया जाता है कि अधिकांश टेम्पो चालक राजद के समर्थक हैं।ट्रैफिक पुलिस ने  बताया कि जाम को लेकर टेम्पों चालक को मुख्य मार्ग को साफ़ रखने को कहा गया तो वे तन गए ।तू तू में में करने लगे । हाथ कानून से बंधे रहने के चलते वे उसे कुछ न कर सके

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