
जमशेदपुर।
1984 में सिख दंगे के मामले में कॉग्रेस के वरिष्ठ नेता सह लोकसभा सासंद नेता सज्जन कुमार को दिल्ली कोर्ट के द्रारा आजीवन कारावास सुनाए जाने के बाद जमशेदपुर के सिखो के खुशी की लहर दौड़ रही है। सिख दंगे के समय यह सिहभूम हुआ करता था। इस दंगे में गैर सिख सहित चार लोगो की मौत हुई थी। जानकारी अनुसार आदित्यपुर में दंगाई ने उत्तम सिह नामक व्यक्ति की हत्या कर दी थी वही गोविदपुर परनजीत नामक व्यक्ति की हत्या की गई थी।गम्हरिया में गुरपाल सिंह दंगाईयो ने हत्या कर दी थी। उसी दंगा के क्रम में दाढी बढा के साथ -साथ और सर मे गमछा लापटेने के काऱण गाय-बैल चरा रहे यदुवीर यादव को भी दंगाईयो ने सिख समझ कर मार डाला था। इस मामले में आल इण्डिया स्टूडेंट्टस फेडेरेशन के पूर्वी भारत के अध्यक्ष सतनाम सिंह गंभीर के प्रयास से सभी के परिजनो को पांच पांच लाख रुपया की मुआवजा की राशी उपलब्ध दी गई। लेकिन गैर सिख यदुवीर यादव की पत्नी डोमनी देवी का पता नही चलने के कारण उसके परिवार को मुआवजा नही मिल सका। फेडरेशन के द्रारा 1984 में कत्लेआम के पीड़ित परिवारो को इंसाफ दिलाने के लिए रांची हाईकोर्ट में एक जनहित की याचिका दायर की गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर एक सदस्यीय आयोग का गठन झारखंड सरकार के द्रारा किया गया। जिसके फलस्वरुप पीडितो को मुआवजा देने के काम में थोड़ी तेजी आई।वही दिल्ली कोर्ट के द्रारा सज्जन कुमार को उम्र कैद की सजा पर सतनाम सिंह गंभीर ने कहा कि 34 वर्षो के इंतजार के बाद इंसाफ हुआ है। उन्होंने कहा कि जगदीश टाइटलर ओर कमलनाथ पर लगे आरोपों पर भी तुरंत फैसला आना चाहिए। गंभीर ने कहा कि उन्होंने इस मामले में 100 से ज्यादा बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्वीट किया था। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार से भी यहां हुए कत्लेआम के दोषियों को सजा देने के लिए एसआइटी का गठन करने की मांग कई बार की गई है

