
जमशेदपुर ।
इसके आस-पास के क्षेत्रों में भीषण गर्मी के बीच गहराते जल संकट ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस गंभीर समस्या को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य की झामुमो-कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना विरोध और तेज कर दिया है। भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री Nandji Prasad ने पेयजल और बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री Hemant Soren के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की कार्यशैली पर तीखा प्रहार किया है।
25 वर्षों बाद भी पेयजल विभाग का कार्यालय नहीं
Nandji Prasad ने एक बड़ा और गंभीर प्रशासनिक मुद्दा उठाते हुए कहा कि झारखंड राज्य गठन के लगभग 25 वर्षों के उपरांत भी पूर्वी सिंहभूम जिले (विशेषकर जमशेदपुर) में पेयजल विभाग का अपना कोई कार्यालय (Drinking Water Department Office) स्थापित नहीं हो सका है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की वर्तमान Hemant Soren सरकार जनता को पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं जमीन पर उतारने में पूरी तरह से विफल साबित हुई है। जमशेदपुर जैसे प्रमुख और औद्योगिक शहर में बिजली और पानी की यह भारी किल्लत सीधे तौर पर राज्य सरकार के दावों को मुंह चिढ़ा रही है।
मानगो, जुगसलाई और बागबेड़ा की जनता बेहाल
भाजपा नेता ने कहा कि जल एक अत्यंत उपयोगी और मूलभूत आवश्यकता है, जिसके बिना जीवन की कल्पना भी संभव नहीं है। मजबूत प्रशासनिक ढांचा न होने के कारण शहर के कई घनी आबादी वाले इलाके भारी जल संकट झेल रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से मानगो (Mango), जुगसलाई (Jugsalai), बागबेड़ा (Bagbera) और परसुडीह (Parsudih) जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां के लोग पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं। नियमित जलापूर्ति ठप होने के कारण इन इलाकों की जनता इस भीषण गर्मी में नारकीय जीवन बिताने को मजबूर है।
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प्रशासन करे समाधान, अन्यथा होगा उग्र जन आंदोलन
Nandji Prasad ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार को सीधे तौर पर अल्टीमेटम देते हुए कहा कि आज जनता के सड़क पर उतरने और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रशासन को इस गंभीर पेयजल समस्या का त्वरित समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जलापूर्ति की स्थिति में सुधार नहीं हुआ और इन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा दुरुस्त नहीं किया गया, तो भारतीय जनता पार्टी आम जनता को साथ लेकर एक उग्र और बड़ा ‘जन आंदोलन’ (Mass Protest) करने के लिए पूरी तरह से तैयार है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और जिला प्रशासन की होगी।


