सहरसा-त्यौहार के सिजन में ट्रेन की टिकट फुल यात्री हलकान,वेटिंग का ग्राफ उपर दलालों की कट रही चांदी

BRAJESH

ब्रजेश भारती

सिमरी बख्तियारपुर,सहरसा,  ।

त्योहारी सीजन के आगमन के साथ ही सहरसा से दिल्ली और अमृतसर आने-जाने वाली दो मुख्य ट्रेनों मे सीटे फुल हो गई है.सहरसा से वाया दिल्ली अमृतसर जाने वाली गरीबरथ या सहरसा-आदर्शनगर पुरबिया एक्सप्रेस दोनों ट्रेनों मे दुर्गा पूजा, दीपावली,छठ आदि के समय जबरदस्त वेटिंग चल रही है.दुर्गा पूजा, मुहर्रम, दीपावली से लेकर छठ तक के समय की यात्रा के लिए अप एवं डाउन दोनों तरफ से गरीब रथ और पुरबिया मे त्योहार के आसपास ज्यादा वेटिंग होने के कारण यात्रियों को आरक्षण मिलने मे दिक्कत हो रही है.यात्री सुबह सवेरे से सहरसा,सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर आरक्षण के लिए मारामारी करते है और फिर भी वेटिंग की स्थिति इस कदर है की रिजर्वेशन सम्भव नही हो पाता

.मालूम हो कि इस साल नवरात्र 1 अक्टूबर से शुरू हो रहा है और 11 अक्टूबर को विजयादशमी है.वही 30 अक्टूबर को दीपावली और 6 व 7 नवम्बर को छठ है.इन त्योहारों के मौसम मे काफी लोग दिल्ली से आते हैं,लेकिन टिकटों की मारामारी इनके हर साल की नियति मे शामिल है.इसके अलावे बड़े शहरों के स्कुलो मे इन त्योहारी सीजन के दौरान बच्चो को दस से पन्द्रह दिन की छुट्टी मिल जाती है.जिससे अभिभावक गाँव आना सही समझते है.इधर, जैसे-जैसे त्योहारी तारीख नजदीक आ रहे है ठीक वैसे ही वेटिंग का ग्राफ बढ़ता जा रहा है और काफी हद तक दलालों की भी चांदी हो गयी है.यात्री बताते है कि कोसी इलाके को रेलवे द्वारा उपलब्ध कम ट्रेने ही इस मारामारी की मुख्य वजह है.यात्रियों के मुताबिक मांग अनुसार ट्रेने उपलब्ध होती नही और जिस वजह से उपलब्ध ट्रेनों मे वेटिंग बढ़ता जाता है और त्योहारी सीजन मे यात्रियों के भीड़ की बाढ़ आ जाती है तो आनन-फानन मे स्पेशल ट्रेन चला स्थिति को सामान्य दिखाया जाता है.हालांकि यह भी सच है कि स्पेशल ट्रेन का उचित प्रचार-प्रसार ना होने की वजह से यह ट्रेन यात्रियों के लिए ज्यादा सहायक सिद्ध नही हो पाती है.

इसके साथ-साथ छठ पूजा के बाद दिल्ली व अमृतसर जाने वाली ट्रेनों मे भी लंबी वेटिंग देखी जा रही है.15279 सहरसा-आदर्शनगर पुरबिया एक्सप्रेस मे छठ के बाद 10 नवम्बर को स्लीपर मे 105, 3 एसी मे 48 वेटिंग है.वही 13 नवंबर को स्लीपर मे 89, 3एसी मे 29 एवं 17 नवम्बर को स्लीपर मे 31 व थर्ड एसी मे 12 वेटिंग है.इसके अलावे 12203 सहरसा-अमृतसर गरीबरथ भी हाउस फुल चल रही है.7 नवम्बर को गरीबरथ की 3एसी मे 248, 10 नवम्बर को 196, 13 नवम्बर 194, 14 नवम्बर 113 और 17 नवम्बर को 54 वेटिंग है, जो वेटिंग की बुरी स्थिति और ट्रेनों के घोर अभाव को दर्शा रही है.वही उम्मीद की जा रही है जैसे-जैसे त्योहार के दिन और करीब आएंगे वैसे-वैसे वेटिंग का पारामीटर भी द्रुत गति से बढ़ेगा.

भैया, वेटिंग का है फूल डोज:-

यदि बात करे 12204 अमृतसर-सहरसा गरीबरथ की तो त्योहार के दौरान इस ट्रेन के एसी चेयर कार मे 26 अक्टूबर को 54, 29 अक्टूबर को 67, 30 अक्टूबर को 35, 2 नवम्बर को 107 वेटिंग है.वही थर्ड एसी मे 26 अक्टूबर को 231, 29 अक्टूबर को 226, 30 अक्टूबर को 119, 2 नवम्बर को 324 वेटिंग है.वही दशहरा के दौरान भी इस ट्रेन मे वेटिंग देखी जा रही है.12204 के थर्ड एसी मे 9 अक्टूबर को 70, 12 अक्टूबर 57, 15 अक्टूबर को 30, 16 अक्टूबर 37, 19 अक्टूबर को 41 और 22 अक्टूबर को 71 वेटिंग है.वही बात 15280 आदर्शनगर-सहरसा पुरबिया एक्सप्रेस की करे तो इस ट्रेन मे गरीबरथ के मुकाबले हर महीने ज्यादा वेटिंग का डोज है.बात पर्व-त्योहार के समय की करे तो उस दौरान स्लीपर मे
24 अक्टूबर को 208, 28 अक्टूबर को 317, 31 अक्टूबर को 509, 4 नवम्बर को 151 वेटिंग है एवं थर्ड एसी मे 28 अक्टूबर को 98, 31 अक्टूबर को 54, 4 नंवबर को 42 वेटिंग है.

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