सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन और उत्पाद विभाग ने पूरी तरह से कमर कस ली है। जिले में लगातार चलाए जा रहे शराब विरोधी अभियान के तहत 16 अप्रैल 2026 को राजनगर थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में उत्पाद विभाग की टीम ने एक बड़ी और सघन छापामारी की। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अवैध शराब का कारोबार करने वाले माफियाओं और तस्करों में हड़कंप मच गया है। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए न सिर्फ शराब बनाने की भट्ठियों को तोड़ा, बल्कि भारी मात्रा में शराब बनाने की सामग्री को भी नष्ट कर दिया है।
उपायुक्त और उत्पाद अधीक्षक के सख्त निर्देश पर हुई कार्रवाई
जिले के उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब के कारोबार पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने के स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं। उनके इन्हीं निर्देशों और उत्पाद अधीक्षक क्षितिज विजय मिंज के सटीक मार्गदर्शन में उत्पाद विभाग की एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। इस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से 16 अप्रैल को राजनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मुंडाकाटी, विश्रामपुर तथा मंझगांव टोला जोगोडा में विधिवत छापामारी अभियान चलाया। प्रशासन को लगातार इन इलाकों से अवैध देसी शराब बनाए जाने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह त्वरित और बड़ी कार्रवाई की गई।
जंगल और गांवों में चल रहे थे 3 अवैध चुलाई अड्डे, भारी मात्रा में महुआ नष्ट
उत्पाद विभाग की टीम जब छापामारी के लिए इन गांवों के सुदूर और जंगली इलाकों में पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। वहां गुपचुप तरीके से बड़े पैमाने पर देसी शराब बनाने का काम चल रहा था। छापामारी के क्रम में टीम ने कुल तीन अवैध चुलाई अड्डों (शराब बनाने की भट्ठियों) को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। इस व्यापक अभियान के दौरान मौके से लगभग 40 लीटर तैयार अवैध चुलाई शराब जब्त की गई। इसके अलावा, शराब बनाने के लिए ड्रमों और गड्ढों में सड़ाए जा रहे लगभग 1100 किलोग्राम जावा महुआ को भी टीम ने खोज निकाला। इतनी भारी मात्रा में मिले जावा महुआ को मौके पर ही विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत नष्ट कर दिया गया, ताकि इसका दोबारा इस्तेमाल न हो सके।
छापामारी की भनक लगते ही मौके से फरार हुए तस्कर, एफआईआर दर्ज
उत्पाद विभाग की टीम ने हालांकि पूरी घेराबंदी के साथ यह अभियान चलाया था, लेकिन छापामारी की भनक लगते ही और भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर अवैध शराब के निर्माण में लगे सभी संबंधित अभियुक्त मौके से फरार होने में सफल रहे। प्रशासन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उत्पाद विभाग द्वारा सभी नामजद और अज्ञात फरार अभियुक्तों की पहचान की जा रही है। इन सभी तस्करों के विरुद्ध झारखंड उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत संबंधित थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
अवैध कारोबार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति, लगातार चलेगा अभियान
उत्पाद विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री के विरुद्ध उनकी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। यह विशेष छापामारी अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। जिला प्रशासन ने कड़ी चेतावनी दी है कि लोगों की सेहत और समाज के माहौल के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी शराब माफिया या तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध अत्यंत सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।




