सरायकेला/गम्हरिया: सरायकेला जिले के गम्हरिया प्रखंड के अंतर्गत छोटा गम्हरिया में बालिकाओं के संरक्षण और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बड़ा और संवेदनशील कदम उठाया गया है। जिले में ‘मिशन वात्सल्य’ के तहत नव-निर्मित “वात्सल्य बालिका गृह” का विधिवत उद्घाटन जिले के उपायुक्त नितिश कुमार सिंह द्वारा फीता काटकर किया गया। इस नए केंद्र के खुलने से अब जिले की बेसहारा और जरूरतमंद बच्चियों को एक ही छत के नीचे सुरक्षित, संरक्षित और पारिवारिक माहौल मिल सकेगा।
बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि और सुविधाओं का सघन निरीक्षण
कार्यक्रम की शुरुआत में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के तैल चित्र पर उपायुक्त और अन्य उपस्थित विशिष्ट अतिथियों द्वारा पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इसके तुरंत बाद, उपायुक्त और मंचासीन अतिथियों ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर इस बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। उद्घाटन के पश्चात, उपायुक्त ने पूरे केंद्र भवन का सघन निरीक्षण किया और वहां बालिकाओं के लिए उपलब्ध कराई गई सभी सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में आवासित बालिकाओं के बीच कपड़े (अंगवस्त्र) और दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्रियों से भरे बैग का वितरण भी किया।
दूसरे जिलों पर निर्भरता खत्म, बालिकाओं का होगा सर्वांगीण विकास
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि समाज की उन जरूरतमंद और संरक्षण की आवश्यकता वाली बालिकाओं को एक सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण उपलब्ध कराना ही इस बालिका गृह का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि पहले जिले में अपना कोई बालिका गृह उपलब्ध नहीं होने के कारण, बच्चों को मजबूरी में दूसरे जिलों के केंद्रों में स्थानांतरित करना पड़ता था। इससे समन्वय और सुविधाओं के सुचारू क्रियान्वयन में कई तरह की कठिनाइयां आती थीं। लेकिन अब जिले में ही इस केंद्र के शुरू हो जाने से बालिकाओं को सभी आवश्यक सुविधाएं आसानी से उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस केंद्र को जल्द से जल्द पूरी तरह क्रियाशील करें और बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़कर एक सम्मानजनक जीवन दिया जा सके।
एक ही छत के नीचे मिलेगी शिक्षा, स्वास्थ्य और कानूनी मदद
इस खास अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव तौसीफ मिराज ने अपने संबोधन में कहा कि उपायुक्त की सकारात्मक पहल के कारण ही आज जिले में “वात्सल्य बालिका गृह” की स्थापना संभव हो पाई है। उन्होंने बताया कि इस केंद्र के माध्यम से अब बालिकाओं को सुरक्षित आवास, बेहतर पोषण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं, मानसिक परामर्श सुविधा और आवश्यक कानूनी सहायता एक ही स्थान पर मिल सकेगी। पहले बालिका गृह के अभाव में बच्चों को दूसरे जिलों में भेजने से उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं और सुविधाओं का लाभ लेने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब जिले में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से बालिकाओं का बेहतर संरक्षण सुनिश्चित हो सकेगा।
मिशन वात्सल्य के उद्देश्य और कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सुरक्षा की सहायक निदेशक निवेदिता राय द्वारा केंद्र के सुचारू संचालन, इसके मुख्य उद्देश्यों और यहां रहने वाली बालिकाओं को दी जाने वाली तमाम सुविधाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इस महत्वपूर्ण उद्घाटन समारोह में जिला योजना पदाधिकारी सोनी कुमारी, पूरे कोल्हान प्रमंडल के सभी डीसीपीओ (DCPO), सभी बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी, जनसहयोगी विकास केंद्र के सदस्य, बाल कल्याण समिति के प्रतिनिधि और चाइल्डलाइन के प्रतिनिधियों के साथ-साथ जिले के अन्य संबंधित अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।





