
जमशेदपुर।झारखंड सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एस एन झा तथा एमजीएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ए के आखोरी से जमशेदपुर परिसदन में बैठक कर अस्पताल व कॉलेज की वस्तुस्थिति को जाना। बैठक में अस्पताल अधीक्षक ने मंत्री श्री राय को जानकारी देते हुए बताया कि अस्पताल में मैनपावर की काफी कमी है वर्तमान में सिर्फ सिर्फ 25% मैनपावर उपलब्ध है। ओपीडी में दैनिक 1200 से 1500 मरीज आते हैं, मगर उसके अनुसार ना बेड उपलब्ध है ना ही मैनपावर। प्रसूति विभाग में प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज आते हैं जबकि इस विभाग में सिर्फ 60 बेड उपलब्ध है। निजी अस्पतालों में एचआर बहाल कर इसकी कमी को दूर किया जाता ऐसी ही व्यवस्था यहाँ भी होनी चाहिए। एमजीएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ आखोरी ने भी बताया कि हाल में लेक्चरर को प्रोफ़ेसर में पदोन्नति दे दी गयी है मगर अब संकट ये है कि लेक्चरर का पद खाली हो गया है।


मंत्री सरयू राय ने बताया कि प्रखंड स्तर के अस्पतालों व सदर अस्पताल में भी जरूरत के मुताबिक सर्जन नहीं होने के कारण सभी मरीजों को एमजीएम रेफेर कर दिया जाता है। इसीलिए एमजीएम अस्पताल में मरीजों की संख्या ज्यादा हो जाती है। निचले स्तर के अस्पतालों की स्थिति को ठीक करने पर एमजीएम अस्पताल का बोझ कम पड़ेगा। आपको बता दें कि आगामी 28 जनवरी को मंत्री सरयू राय के पहल पर रांची में एमजीएम हॉस्पिटल, जमशेदपुर की बदहाली दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने हेतु एक बैठक की जानी है। बैठक मे मुख्यमंत्री, स्वस्थ्य मंत्री, अधो हस्ताक्षरी एवं स्वस्थ्य विभाग के सचिव सहित अन्य प्रासंगिक अधिकारियों को शामिल होना है। इसके पूर्व एमजीएम हॉस्पिटल जमशेदपुर के वास्तविक अस्तित्व के बारे मे एक संक्षिप्त परंतु संभावित विवरण तैयार हो सके ताकि बैठक मे निर्णय लेने मे सहूलियत हो मंत्री श्री राय ने यह बैठक बुलाई थी। बैठक के उपरांत मंत्री सरयू राय ने अस्पताल अधीक्षक तथा एमजीएम कॉलेज के प्राचार्य को सभी समस्यायों का एक संक्षिप्त विवरण तैयार कर 27 जनवरी को फिर से बैठक करने का निर्देश दिया। बैठक में स्वस्थ सेवा के विधायक प्रतिनिधि संजीव मुखर्जी भी उपस्थित थे।

