सरायकेला-बच्ची को बचाने की सजा गुनाहगार के रुप में दी गई-परिजन

गम्हरिया

एसपी से मामले की जाँच की करेंगे माँग

 

कान्ड्रा सिनेमा हाॅल बस्ती में दस वर्षीया बच्ची को जलाकर कुंए में फेकने के मामले में पड़ोस के युवक रामा शंकर शर्मा को जेल भेजने से बस्तीवासियों में आक्रोश व्याप्त है। बीते मंगलवार को पीड़िता की मौत की खबर से एक ओर जहां बस्ती में शोक की लहर दौड़ पड़ी है, वहीं पड़ोसी युवक को जेल भेजने से बस्तीवासियों में आक्रोश व्याप्त है। आरोपी युवक की पत्नी समेत परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से इस मामले की उचित जाँच कर न्याय की गुहार लगाई है। परिजनों ने बताया कि इस मामले को लेकर सभी शीघ्र ही पुलिस अधीक्षक से मिलकर मामले की जानकारी देंगे। वहाँ से न्याय नहीं मिलने पर वे मुख्यमंत्री रघुवर दास से मिलकरं उच्च स्तरीय जाँच की मंाग करेंगे। विदित है कि कान्ड्रा थाना पुलिस ने सवालिया शर्मा के पुत्र रामा शंकर शर्मा को दोषी मानते हुए जेल भेज दिया है। इधर, बस्तीवासियों ने बताया कि घटनास्थल से सटे पड़ोसी युवक रामाशंकर शर्मा बाल्टी एवं रस्सी लेकर बच्ची को बचाने कुएँ के पास पहुंचा था। काफी मशक्कत के बाद बच्ची को कुंएँ से निकाला एवं अस्पताल ले जाने में मदद की। पिता श्री शर्मा ने बताया कि मेरे पुत्र को गलत तरीके से फँसाया गया है। बच्ची को बचाने की सजा उसे गुनाहगार के रुप में दी गई है। उन्होंने बताया कि यदि मेरा पुत्र इस घटना में शामिल होता तो घर में रहने के वजाय फरार हो जाता। पुलिस ने जल्दबाजी में फैसला लेकर इस घटना में दोषी युवकों को बचाते हुए निर्दोष को जेल भेज दिया है। पत्नी सोनी देवी ने बताया कि पति को जेल भेजे जाने से उसके दो मासुम बच्चे के लालन-पालन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने भी पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।

 

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