लंबी दूरी की बसों के परिचालन पर असर
संवाददाता
जमशेदपुर/ सरायकेलाः।नक्सलियों द्वारा प्रस्तावित दो दिवसीय बंदी का असर वैसे तो कोल्हान में कम ही देखा गया, लेकिन मंलवार तड़के सरायकेला- खरसावां जिले के अन्तर्गत पड़नेवाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 33 पर विरोध के रूप में ईचागढ़ थानान्तर्गत सरायकेला- तमाड़ सीमा पर नागासोरेंग गांव के पास मालवाहक गाड़ी को फूंक दिया. इस घटाना की पुष्टि जिले के एसपी इंद्रजीत महथा ने की. हालांकि घटना की सूचना पाते ही एसपी पूरे दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते हुए कहा कि घटनास्थल से किसी प्रकार के माओवादी पर्चे या अन्य किसी प्रकार की कोई चीज बरामद महीं हुई है जिससे ये प्रमाणित हो सके कि उक्त घटना को माओवादियों द्वारा दिया गया है. चूंकि नक्सलियों द्वारा दो दिनों के बंदी का आह्वान किया गया था इसी दौरान उक्त घटना को अंजाम दिया गय़ा है. इसलिए इसे नक्सली वारदात के रूप में माना जा सकता है. हालांकि उन्होंने बताया कि जिस अंदाज में इस घटना को अंजाम दिया गया है उससे इसे नक्सली घटना माना जा सकता है. उधर घटना से संबंध में गाड़ी के चालक एवं खलासी के बयान के आधार पर मामला दर्ज करते हुए जांच किए जाने की बात एसपी द्वारा बताया गया.
क्या हुआ घटनास्थल पर
जिले के एसपी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर बताया गया कि मंगलवार की सुबह करीब 2 बजे के आस- पास करीब 8 से 10 की संख्या में सादे लिबास में पहुंचे अपराधियों द्वारा हथियार के बल पर चेहरे को ढंककर उक्त मार्ग (एनएच 33 जो कि सरायकेला जिले का बॉर्डर एरिया पड़ता है) पर एक टाटा 709 वाहन संख्या जेएच01 ए.टी.-3309 को रोका गया जिसके लिए अपराधियों द्वारा बीच सड़क पर अवरोध करने के लिए पत्थर आदि को रखा था. अपराधियों द्वारा चालक एवं खलासी को उतारते हुए वाहन के अगले हिस्से में आग लगा दी गई. जिसके बाद सभी अपराधी फरार हो गए. जिसके बाद घटना की सूचना पाते ही ईचागढ़ थाना पुलिस क्रेन एवं फायर ब्रिगेड के साथ घटना स्थल पर पहुंची, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका. हालांकि उन्होंने इस घटना को अपाधियों द्वारा अंजाम दिए जाने की बातों से परहेज नहीं करते हुए बताया कि इसको लेकर अनुसंधान की जा रही है.
लम्बी दूरी की बसों में यात्री कम
नक्सली बंदी को देखते हुए लंबी दूरी की बसों का परिचालन तो किया गया लेकिन यात्रियों की कमी देखी गई. इस दौरान मानगो स्थित बस पड़ाव से वैसै यात्री बसों का परिचालन नहीं हुआ जो कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से गुजरती है. इस संबंध में बस पड़ाव के शंकर पार्वती बस के मैनेजर संजय कुमार झा ने बाताया कि नक्सलियों की बंदी को देखते हुए कई यात्रियों द्वारा टिकट कैंन्सिल करा लिया गया है. बसें तो जाएंगी लेकिन यात्रियों की संख्या कम रहेगी. इससे बसों के मालिकों को नुकसान उठाना पड़ेगा.
