
रांची।


कोई भी राशन कार्डधारी जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित है यदि किसी भी कारण से राशन नही मिल पाया है तो वह मुआवज़ा पाने की हकदार होगा. मुआवज़ा की राशि बाजार दर से सवा गुना होगी. खाद्य आपूर्ति विभाग ने इसके लिये प्रत्येक जिला के अपर समाहर्ता को जिला शिकायत निवारण पदाधिकारी नामित किया है. राशन नही मिलने की शिकायत इस पदाधिकारी के यहाँ की जायेगी. शिकायत का निपटारा ये एक माह के भीतर करेंगे. ज़रूरत पड़ी तो इनके निर्णय के विरूद्ध खाद्य आयोग में अपील की जा सकती है.
जिस दिन खाद्य आपूर्ति विभाग ने यह निर्णय लेकर योजना और वित्त विभाग के माध्यम से कैबिनेट की स्वीकृति के लिये भेजा था उसके पहले से मैं कह रहा हूं कि यदि किसी राशन कार्डधारी लाभुक को राशन दूकानदार, गोदाम या राज्य सरकार के कारण किसी महीने का राशन नही मिल सका तो वह जिला शिकायत पदाधिकारी के पास आवेदन दे. सभी राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक, स्वयंसेवी संगठनो से मेरा अनुरोध है कि वे ऐसे मामलों की शिकायत करें. सरकार भुक्तभोगीलको मुआवज़ा देगी. भोजन का अधिकार अभियान से जुडे कार्यकर्ताओं को भी इस हेतु आगे आना चाहिये.
खाद्य आपूर्ति विभाग ने राशन कार्ड बनाने की नई नियमावली बना लिया है और उसे उचित माध्यम द्वारा कैबिनेट की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव अग्रसारित किया है. यदि कोई व्यक्ति या परिवार इस मानक के अनुरुप हाँ और सरकार उसे राशन कार्ड नही देवपाल है तो वह भी राशन हेतु दावा करने और नही मिलने पर नगद मुआवज़ा लेने का हक़दार होगा.

