
विरोध में एडीसी का तबादला एवं बॉडीगार्ड के निलंबन की मांग को लेकर सभी एडीसी कार्यालय के मुख्य गेट पर बैठ गए धरने पर, एसडीओ के समझाने का भी कोई असर नहीं हुआ देर शाम तक सभी धरने पर बैठे रहे
संतोष
जमशेदपुर। वैसे परिवार जिनका न कोई आवास है, न कोई पहचान- पत्र, न ही किसी सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुंच पाता है. जिसका सड़कों पर भीख मांगकर जीवन व्यतीत करना ही पेशा है वैसे लोगों को सरकारी हक दिलाने की मांग को लेकर बाल मजदूर मुक्ति सेवा संस्थान द्वारा बुधवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया गया. जब नकी मांगों का ज्ञापन लेकर जिले के एडीसी कार्यालय पहुंचे तो उनके द्वारा संस्थान के संरक्षक के साथ बदसलूकी की गई. इतना ही नहीं उनके बॉडीगार्ड द्वरा संरक्षक सदन कुमार ठाकुर के साथ हाथापाई करते हुए उन्हें चैम्बर से धक्का देकर निकाल दिया गया. जिसके बाद जिला मुख्यालय पर जूद हर कोई स्तब्ध रह गया. वहीं अपमानित होने के बाद बाल मजदूर मुक्ति सेवा संस्थान के प्रतिनिधी वहीं एडीसी सुनील कुमार का तबादला एवं बॉडीगार्ड के निलंबन की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए. हालांकि दोपर करीब एक बजे के आस- पास धालभूम अनुमंडल के एसडीओ सूरज कुमार ने सदस्यों को काफी समझाने का प्रयास किया, मगर धरने पर बैठे सदस्य निलंबन एवं तबादले से नीचे समझौता करने के मूड में नहीं दिखे. हालांकि प्रशासन की ओर से जिला मुख्यालय पर भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती कर दी गई थी. जिसके बाद से पूरे दिन जिला मुख्यालय परिसर में गहमा- गहमी बनी रही. देऱ शाम तक सभी अपनी मांगों के समर्थन में एडीसी कार्यालय के गेट पर जमे हुए थे. इस संबंध में संस्थान के संरक्षक सदन कुमार ठाकुर ने कहा कि ये कैसा लोकतंत्र है जिसमें गरीब अपना हक मांगने जाए तो उसे धक्के मारकर अपमानित करने का प्रावधान है एवं अमीरों के लिए चाय- पानी के साथ आवाभगत की जाए. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी के साथ किए गए गोरों द्वरा अपमान को याद करते हुए कहा कि उस वक्त अंग्रेजी हुकूमत थी मगर आज किसकी हुकूमत है.
क्या हुआ, क्यों किया गया इन्हें अपमानितः
अपमानित किए जाने के सवाल पर सदन कुमार ठाकुर के साथ धरने पर बैठे केदार नाथ भारतीय ने बताया कि जब वे इन गरीबों को भारतीय होने, एवं इनका राशन कार्ड, आधार कार्ड, खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लाल कार्ड इत्यादि की मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे तो सबकुछ सामान्य था. उपायुक्त के नहीं होने के कारण उनके उत्तराधिकारी (एडीसी) सुनाल कुमार को जब वे ज्ञापन सौंपने पहुंचे तो उन्होंने एक व्यक्ति को अंदर प्रवेश करने को कहा जब- तक कोई कुछ समझ पाता तीन चार लोग उनके चैम्बर में प्रवेश कर गए जिसके बाद उन्होंने सभी को अपमानित करते हुए अपने अंगरक्षके से बाहर निकालने को कहते हुए बल प्रयोग करने का अदेश दिया जिसके बाद उनके अंगरक्षक ने जोश में आकर सदन कुमार ठाकुर की पिटाई कर दी.
क्या थी मांगे
बाल मजदूर मुक्ति सेवा संस्थान के द्वारा सड़कों पर जीवनयापन करने वाले लोगों को नागरिकता प्रमाणपत्र जारी किए जाने एवं उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़े जाने को लेकर काफी समय से प्रयास कर रही है. इसको लेकर संस्थान की ओर से लगातार कई बार प्रयास किया जा चुका है. बुधवार को भी इनके द्वारा इन बेघर लोगों को देश का नागरिक होने एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सुविधा दिए जाने की मांग को लेकर जिले उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे. जिसमें मुख्य रूप से केदार नाथ भारतीय, अनुरंजन, सुरेन्द्र शर्मा, असीम दत्ता, चंदन, शंकर कुमार आदि शामिल थे. इस संबंध में एडीसी सुनिल कुमार ने किसी प्रकार की प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया.



