तो कुत्तों के लिए सरकार को बनाने होंगे शौचालय
प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान को सार्थक बनाने के लिए जमशेदपुर वासियों ने टोटकों के माध्यम से शुरू किया अनूठा प्रयास
संतोष कुमार
जमशेदपुर।
जी हां देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को सार्थक बनाने को लेकर जमशेदपुर के आदित्यपुर कॉलोनीवासियों ने अनूठे टोटके का ईजाद किया है. आम तौर पर लोगों को टोटकों का प्रयोग खुद के लिए करते देखा गया है ताकि बुरी शक्तियों से बचा जा सके. इसको लेकर लोग नित नए- नए टोटकों का प्रयोग करते रहते हैं मसलन ताबीज पहनना, रक्षा सूत्र पहनना, नींबू व मिर्ची को काले धागों से लगाकर घरों से बाहर टांगना, ऐसे कई टोटकों का प्रचलन समाज के हर वर्गों के लोगों के बीच देखा जाता है. मगर यो सभी टोटकों का प्रयोग इंसान स्वयं या अपनों को बुरी नजरों से बचाने के लिए करता है. मगर जिस टोटके की बाते हम कर रहे हैं उसे यहां के लोगों ने कुत्तों के लिए किया ईजाद किया है. हद तो ये है कि इस टोटके का प्रयोग समाज का हर तबका अपना रहा है. ये तो पता नहीं चल सका कि इस टोटके की जन्नस्थली कहां है, मगर इस टोटके का प्रयोग शहर के विभिन्न हिस्सों में देखा जा रहा है.
क्या है टोटका, क्यों अपना रहे हैं लोग
आदित्यपुर के विभिन्न हिस्सों मसलन बन्तानगर, कुलुपटांगा, आदित्यपुर कॉलोनी, आदित्यपुर- 1, चूना भट्टा, मांझीटोला, सालडीह बस्ती समेत कई स्लम बस्तियों एवं रिहाईशी कॉलोनियों के घरों के बाहर इन दिनों प्लास्टिक के बोतलों में नीले रंग का कुछ लटका हुआ तरल पदार्थ देखा जा रहा है. हमारे रिपोर्टर ने अपनी जिज्ञासा को जानने के लिए बस्तीवासियों एवं कॉलोनीवासियों से जानना चाहा तो लोगों के जबाब थे कि उनके ऐसा करने से आवारा कुत्ते गरों के आस- पास नहीं आते एवं गंदी (शौच आदि) नहीं फैलाते. जब लोगों से पूछा गया कि ये प्रयोग कितना सफल है, तो लोगों की मिश्रित प्रतिक्रिया प्राप्त हुई. किसी ने कहा कि ऐसा करने से आवारा कुत्तों का घरों के आस- पास आना कम हुआ है, तो किसी ने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है. किसी ने इसे महज टोटका बताया तो किसी ने कहा कि इससे उनका जाता क्या है लोग अपना रहे हैं तो वे भी घरों से बाहर बोतलों में पानी में नीला रंग डालकर टांग दे रहे हैं. हद तो ये है कि लोग अपने घरों के पीछे बने गलियों में (जहां लोग अपने घरों के कूड़े- कर्कट इत्या फेंकते हैं वहां भी प्लास्टिक के बोतलों में नीला रंग भरकर किसी खंबों आदि से बांधकर रख दे रहे हैं.
क्या होगा आवारा कुत्तों का, कहां करेंगे शौच
आदित्यपुरवासियों के इस प्रयास से प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत का सपना तो कुछ हद तक सार्थक होता लग रहा है हो सकता है कि ये टोटके सफल हो भी जाएं. मगर एक ओर लोग टोटकों के माध्यम से कुत्तों के शौच पर पाबंदी लगाने की तैयारी में लगे हैं. वहीं दूसरी ओर इन कुत्तों के सामने शौच को लेकर बड़ी समस्या उत्पन्न होने वाली है ऐसे में यक्ष प्रश्न ये है कि क्या ये कुत्ते शौच के बगैर ही मर जाएंगे. या सरकार को स्वच्छ भारत अभियान के तहत आवारा कुत्तों के लिए शौचालय की व्यवस्था करानी होगी. वैसे आनेवाले दिनों में इस प्रयोग को लोग कितना अपनाते हैं ये देखना भी दिलचस्प होगा.
