

ब्रजेश भारती
सिमरी बख्तियारपुर(सहरसा) ।

तीन दिनों की छुट्टी से लोगो की मुश्किलें बढ़ी
पीएम मोदी के नोटबंदी पांच सौ और एक हजार के ऐलान को आज एक माह से ज्यादा का समय बीत चुका है। ऐसे में सरकार भी अब बैंकों और एटीएम पर स्थिति सामान्य होने के दावे कर रही है। लेकिन सरकार के दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही है। क्या किसान क्या छात्र या हो व्यापारी सभी रुपयों की तंगी के चलते परेशान हो रहे हैं। सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल क्षेत्र में रविवार को बैंक तो बंद है ही साथ ही अधिकतर एटीएम मशीनों पर भी ताले जड़े हुए हैं। जो इक्का दुक्का एटीएम खुले हैं उनमें भी कैश नहीं है। जिसकी वजह से आज हर वर्ग परेशान है। आमलोगों की मानें तो अन्य दिनों में बैंकों में कैश नहीं होता और शनिवार और रविवार के दिन न तो एटीएम चलते हैं, न बैंक खुले होते हैं। एक-एक कर कई एटीएम से कड़ाके की ठंड में निराश होकर लौट आये स्थानीय राम कुमार,दिलीप सिंह,मो जुनेद,फिरोज आलम आदि का कहना है कि उनके घर बनवाने का काम चल रहा है और लेबर के रूपये देने तक के लिए भी नये या फिर खुले रुपयों का इंतजाम नहीं हो पा रहा।वहीं आस पास के क्षेत्रो के लोग काफी परेशान है।
दिन बंद रहेंगे बैंक : शनिवार से सोमवार तक अवकाश होने के कारण बैंक अब बैंकों में खाताधारकों को मंगलवार को ही कैश मिल पाएगा। जिन बैंकों में शुक्रवार को कैश नहीं मिला वहां लोगों की सांय तक भीड़ तो लगी रही मगर वे उदास नजर आ रहे थे क्योंकि शुक्रवार को कैश मिलने का मतलब अगले तीन दिन बाद तक कैश की इंतजार करना है।सोमवार को भी छुट्टी की वजह से बैंक बंद रहेंगें अब मंगलवार को ही आमजन बैंकों से रूपये निकासी कर पायेंगे ऐसे में मंगलवार को बैंको में जबरदस्त भीड़ होनी लाजिमी है।
किसी भी बैंक के नहीं चल रहे एटीएम-
गत माह 8 नवम्बर को नोट बंदी की धोषणा से लेकर आज तक सुचारू रूप से इस अनुमंडल क्षेत्र के किसी भी बैंक के एटीएम काम नही कर रहा है। नबाब मार्केट,रानीहाट,थाना चौक आदि का एटीएम में कभी कभार शाम में रूपये डाले जाते है जो चंद घंटों में खत्म हो पुन: लोगो को मुंह चिंढाते एटीए नजर आते है।

