
रांची : स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखण्ड सरकार ने राज्य के सभी स्कूली छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के “One Nation, One Student ID” (वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी) कार्यक्रम के तहत अब राज्य के सभी कोटि और प्रबंधन के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का 12 अंकों का ‘APAAR ID’ (Automated Permanent Academic Account Registry) बनाया जाएगा। विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी स्कूलों को 100% बच्चों का आईडी बनाने का लक्ष्य दिया है।
क्या है APAAR ID और इसके फायदे?
APAAR ID एक 12 अंकों का स्वचालित स्थायी शैक्षणिक खाता है। यह प्रत्येक छात्र के शैक्षणिक इतिहास का एक विस्तृत और स्थायी डिजिटल रिकॉर्ड रखेगा। इसमें छात्रों के पाठ्यक्रम, अंक पत्र (मार्कशीट) और अन्य उपलब्धियां ‘डिजी लॉकर’ (DigiLocker) के माध्यम से सुरक्षित रहेंगी। इस आईडी की मदद से भविष्य में स्कूल बदलने (स्थानांतरण), उच्च शिक्षा, कौशल विकास या नौकरी के लिए आवेदन करते समय छात्रों का पूरा रिकॉर्ड आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। भविष्य में इसे ‘शैक्षणिक क्रेडिट बैंक’ (Academic Bank of Credit) से भी जोड़ा जाएगा।
अभिभावकों को विद्यालय में जमा करना होगा सहमति पत्र
शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने बच्चों के विद्यालय में जाकर अपना हस्ताक्षरित सहमति पत्र (Consent Form) स्कूल को उपलब्ध कराएं। इसी सहमति पत्र के आधार पर बच्चों का APAAR ID जेनरेट किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इसमें छात्रों की सम्पूर्ण सूचना पूरी तरह से गोपनीय और सुरक्षित रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर बच्चों का आधार कार्ड भी अपडेट कराया जा सकेगा।
READ MORE :Jamshedpur News: ‘मां तो मां होती है’ – Tata Zoo में TIGER और उसके 2 बच्चों का मनमोहक VIDEO
प्रधानाध्यापकों को UDISE+ पोर्टल पर करना होगा काम
विभाग ने सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और प्रभारियों को सख्त निर्देश दिया है कि वे अभिभावकों को स्कूल बुलाकर सहमति पत्र प्राप्त करें। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय के ‘UDISE+’ पोर्टल के माध्यम से जल्द से जल्द सभी बच्चों का APAAR ID निर्माण सुनिश्चित करें। यह आईडी हर छात्र के लिए एक जीवनभर का डिजिटल पहचान पत्र साबित होगा।


