
मुंबई/ रांची, 18 जुलाई। आईडीबीआई बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) में 5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए 2,115 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। यह पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 2,007 करोड़ रुपये के मुकाबले अधिक है। तिमाही आधार पर बैंक के मुनाफे में 9 फीसदी की वृद्धि हुई। बैंक के निदेशक मंडल ने शनिवार को हुई बैठक में 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी।


बैंक की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) 10 फीसदी बढ़कर 3,486 करोड़ रुपये हो गई, जबकि परिचालन लाभ 2,168 करोड़ रुपये रहा। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) 3.61 प्रतिशत और रिटर्न ऑन एसेट्स (आरओए) 1.89 प्रतिशत रहा। जमा की लागत घटकर 4.59 प्रतिशत और फंड की लागत 4.68 प्रतिशत पर आ गई।
30 जून, 2026 तक बैंक का कुल कारोबार 15 फीसदी बढ़कर 5,84,725 करोड़ रुपये हो गया। कुल जमा 10 फीसदी बढ़कर 3,25,757 करोड़ रुपये और शुद्ध ऋण (नेट एडवांस) 22 फीसदी बढ़कर 2,58,968 करोड़ रुपये रहा। कासा जमा 7 फीसदी बढ़कर 1,42,162 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि कासा अनुपात 43.64 प्रतिशत दर्ज किया गया।
बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार जारी रहा। सकल एनपीए (जीएनपीए) घटकर 2.30 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए 0.16 प्रतिशत रह गया। प्रोविजन कवरेज रेशियो (पीसीआर) 99.31 प्रतिशत तथा पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीआरएआर) बढ़कर 26.92 प्रतिशत हो गया।
तिमाही के दौरान बैंक को अटल पेंशन योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ‘एपीवाई एनुअल अवॉर्ड ऑफ अल्टीमेट अचीवर’ से सम्मानित किया गया। बैंक ने ‘आईडीबीआई इनोवेट-2026’ राष्ट्रीय हैकाथॉन भी शुरू किया तथा एआई आधारित ‘आई नेत्र’ प्रणाली के लिए इंटरनल ऑडिट एक्सीलेंस अवार्ड-2026 प्राप्त किया।


