
रांची |
झारखंड में प्रस्तावित शहरी निकाय चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। भले ही राज्य में निकाय चुनाव दलीय आधार पर नहीं कराए जा रहे हों, लेकिन भाजपा इसे “शहर की सरकार” बनाने का अहम अवसर मान रही है। महाराष्ट्र में हुए अर्बन लोकल बॉडी चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत से उत्साहित पार्टी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी के झारखंड प्रदेश कार्यालय, रांची में वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक आयोजित की।

बैठक की अध्यक्षता और मुख्य एजेंडा
बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने की। बैठक में जल्द से जल्द शहरी निकाय चुनाव कराने, बैलेट पेपर के बजाय ईवीएम से मतदान कराने और दलीय आधार पर चुनाव कराने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
“सरकार निष्पक्ष चुनाव से भाग रही है”
प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रदीप वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार निष्पक्ष चुनाव नहीं कराना चाहती, इसलिए वह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार दबाव बनाएगी कि नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर हों, जिससे योग्य और नीति-आधारित प्रतिनिधि जनता के बीच से उभरकर सामने आ सकें।
संथाल क्षेत्र में दिखेगा असर
पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने कहा कि भाजपा का जनाधार व्यापक है और निकाय चुनाव में पार्टी समर्थित उम्मीदवार बड़ी संख्या में जीत हासिल करेंगे। उन्होंने संथाल क्षेत्र में चल रहे जनजागरूकता अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका असर जल्द ही चुनावी नतीजों में दिखाई देगा।
READ MORE :Jamshedpur News :सरयू राय के पत्र पर हरकत में आया टाटा स्टील,आम बागान को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए टाटा स्टील ने लिखी उपायुक्त को चिट्ठी
सहयोगी दलों से तालमेल की रणनीति
पूर्व कृषिमंत्री रणधीर सिंह ने कहा कि यदि चुनाव दलीय आधार पर नहीं होते हैं, तब भी भाजपा अपने नीति-सिद्धांतों पर चलने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की जीत सुनिश्चित करेगी। आवश्यकता पड़ने पर लोजपा, आजसू और जदयू जैसे सहयोगी दलों से तालमेल किया जाएगा।
“ईवीएम से हो चुनाव, ताकि पारदर्शिता रहे”
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा राज्य के सभी 48 नगर निकायों में कार्यकर्ताओं की जीत सुनिश्चित करेगी और महाराष्ट्र जैसा परिणाम झारखंड में भी दोहराया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार हार के डर से दलीय आधार पर चुनाव नहीं करा रही है, जबकि ईवीएम से चुनाव होने पर प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होगी।
कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा सहित अनेक सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।


