
नई दिल्ली।
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी जी तथा केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली को देष की अर्थव्यवस्था को सुदृ़ढ़ एवं पारदर्षी बनाने हेतु उठाये गये महत्वपूर्ण एवं साहसिक कदमों के लिए बधाई दी है। श्री दास ने भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की षुरूआत को एक स्वागत योग्य पहल बताया है। श्री दास बुधवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केन्द्रीय बजट 2017¬-18 पर विचार एवं सुझाव के निमित्त केन्द्रीय वित्त मंत्री के साथ सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।
श्री दास ने इस अवसर पर केन्द्र सरकार द्वारा बजट पेश करने की तिथि में प्रस्तावित परिवर्तन का समर्थन करते हुए कहा कि झारखण्ड सरकार भी 23 जनवरी, 2017 को ही राज्य का पूर्ण बजट प्रस्तुत करने जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री दास ने इस अवसर पर केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली से 14वें वित्त आयोग की अनुष्ंासा के आलोक में थ्त्ठड एक्ट के तहत ऋण लेने की निर्धारित सीमा 3.5 प्रतिषत में वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए एक प्रतिषत की बढ़ोत्तरी करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस बढ़ोतरी से राज्य सरकार को विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त राषि प्राप्त हो सकेगी तथा बैंकों के पास उपलब्ध राषि का भी उत्पादक कार्यों में उपयोग हो सकेगा।
श्री दास ने बैंकिंग सेवाओं में विस्तार का अनुरोध करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन दिए जाने से वित्तीय मामलों में पारदर्शिता लाने, राजस्व संग्रहण में वृद्धि करने, एवं सभी स्तर पर सुविधा बढ़ाने में सफलता मिलेगी। पूरे झारखण्ड में दिनांक 02 दिसम्बर, 2016 से एक अभियान चलाया गया है एवं अभी तक राज्य की 63 पंचायतों को डिजिटल पेमेन्ट सुविधायुक्त घोषित किया जा चुका है। बैंकिग सेवाओं के विस्तार के लिए 5,000 से अधिक आबादी बाले झारखण्ड राज्य में चिन्हित 137 ग्रामों में से 21 ग्रामों में बैंकों की शाखा खोली जा चुकी है। श्री दास ने शेष बचे 116 ग्रामों में बैंकों की शाखा खोलने का अनुरोध भी किया।
मुख्यमंत्री श्री दास ने इस अवसर पर जन वितरण प्रणाली की दुकानों को बैंक मित्र बनाकर उनके माध्यम से बैंकिंग सेवायें उपलब्ध कराने का अपना सुझाव दुहराया और कहा कि इस व्यवस्था को लागू करने में बैंकों, मुख्यतः सरकारी क्षेत्र के बैंकों, को आगे आने की आवष्यकता है। उन्होंने बताया कि झारखण्ड राज्य में 20,000 च्क्ै दुकानों के पास म.च्व्ै मषीनें उपलब्ध हैं। इन च्क्ै दुकानों को बैंक मित्र (ठंदापदह ब्वततमेचवदकमदज) बनाकर उन के माध्यम से बैंकिग सेवायें उपलब्ध कराने की व्यवस्था बहुत कम समय में लागू की जा सकती है।
श्री दास ने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल ब्वददमबजपअपजल को भी बढ़ावा देने की आवष्यकता है। इस हेतु आवष्यक प्ज् प्दतिंेजतनबजनतम को षीघ्रता से सुदृढ़ करने की आवष्यकता होगी। इसके अतिरिक्त क्पहपजंस ज्तंदेंबजपवदे की ब्वेज को कम करने के लिए टैक्स तथा ज्तंदेंबजपवदे थ्मम को कम करने की भी आवष्यकता है। उन्होंने कहा कि झारखण्ड सरकार ने 5,000 रुपये तक के मूल्य के मोबाईल तथा म.च्व्ै मषीन पर ट।ज् में छूट प्रदान कर दी है। इसके साथ ही उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में राज्य सरकार अपने संसाधन से 54 करोड़ रुपये व्यय कर मोबाईल टावरों में ॅप.थ्पध्3ळध्4ळ की सुविधा उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री श्री दास ने इस अवसर पर पूरे देश में रेल, सड़क, वायुयान कनेक्टीविटी को बढ़ाने और इस प्रक्रिया में पूर्वी भारत के राज्यों पर विशेष ध्यान देने का अनुरोध भी किया। उन्होंने कहा कि झारखण्ड सरकार द्वारा रेल मंत्रालय के साथ ैच्ट बनाया जा चुका है एवं वायु सेवा विस्तार हेतु भी नागर विमानन विभाग के साथ त्ब्ै योजना हेतु डव्न् किया जा चुका है। श्री दास ने नयी रेल परियोजनाओं तथा छोटे शहरों के लिए वायु सेवा हेतु बजट में पर्याप्त राशि देने का अनुरोध किया। उन्होंने सुझाव दिया कि इच्छुक राज्य सरकारें 50-50 प्रतिशत के आधार पर भारत सरकार के साथ भागीदार बन सकती हैं।
श्री दास ने राज्यों के खनिज राजस्व में वृद्धि का अनुरोध करते हुए कहा कि झारखण्ड में कोयले, लोहे आदि के उत्पादन से राजस्व प्राप्त होता है। किन्तु, राॅयल्टी दर में कई वर्षों से पुनरीक्षण नहीं हो पाया है। वत्र्तमान में कोयले पर राॅयल्टी की दर दिनांक 10.05.2012 से 14 प्रतिषत ।क.अंसवतमउ प्रभावी है। इस दर में पुनरीक्षण वर्ष 2015 से ही देय है। अतः कोयले पर राॅयल्टी दर को बढ़ाकर न्यून्तम 20 प्रतिषत करने की आवष्यकता है। लौह अयस्क पर 01.09.2014 से प्रभावी 15 प्रतिषत ।क.अंसवतमउ की दर को बढ़ाकर न्यून्तम 20 प्रतिषत करने की आवष्यकता है।
यूरेनियम, काॅपर अयस्क, स्वर्ण, बाॅक्साईड तथा ग्रेफाइट आदि पर स्वामित्व की दर ।क.अंसवतमउ नहीं है अतः इन सभी अयस्कों पर न्यून्तम 20 प्रतिषत ।क.अंसवतमउ दर निर्धारित करने की आवष्यकता है।
श्री दास ने झारखण्ड सरकार द्वारा पूर्व में भेजे गये प्रस्ताव के अनुरूप त्न्ै। के अन्तर्गत बाबा बैद्यनाथ संस्कृत विष्वविद्यालय की स्थापना का अनुरोध किया। साथ ही, इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विष्वविद्यालय, अमरकंटक की तर्ज पर झारखण्ड राज्य के साथ साथ निकटवत्र्ती छत्तीसगढ़ तथा उडीसा राज्य को लाभान्वित करने के उद्देष्य से झारखण्ड में राष्ट्रीय जनजातीय विष्वविद्यालय की स्थापना की स्वीकृति देने की मांग भी रखी। उन्होंने अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति/अत्यंत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को बिना किसी बजटीय अधिसीमा के छात्रवृत्ति देने का अनुरोध भी किया।
श्री दास ने इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिषन एवं प्रस्तावित राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रतिरक्षा योजना के लिए स्वास्थ्य प्रक्षेत्र के बजट प्रावधान में अभिवृद्धि करने का अनुरोध किया। साथ ही उन्होंने सौर ऊर्जा में दिए जाने वाले अनुदान का दायरा बढ़ाने और सौर ऊर्जा के सभी उत्पादों एवं इसमें प्रयुक्त होने वाले अवयवों पर उत्पाद शुल्क से छूट देने की मांग भी रखी।
श्री दास ने नई राजधानी के निर्माण के लिए 4,000 करोड़ रुपये की विषेष सहायता देने का अनुरोध किया। उन्होंने गरीब कल्याण कोष में प्राप्त हो रही राषि से राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित स्मार्ट ग्राम परियोजना के लिए आर्थिक सहायता की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों के उन्नयन के साथ मेडिकल काॅलेज बनाने की केन्द्रीय योजना में बोकारो, चाईबासा एवं कोडरमा को भी शामिल किया जाए। इसके अलावा श्री दास ने एचईसी के पुनर्वास के लिए सहायता मांगी और झरिया पुनर्वास पर विषेष ध्यान देने का अनुरोध किया। उन्होंने बन्द अथवा परित्यक्त खदानों के पुनर्वास के लिए विषेष पैकेज की मांग भी रखी।

