
रांची।
मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा ने राज्य में कोयले का उत्पादन कर रही कंपनियों को निदेष दिया है कि वाष कोल एवं डीएमएफटी की राषि जिन कपंनियों ने जमा नहीं की है, वे अविलंब भुगतान करें। साथ ही प्रत्येक कंपनी राज्य कर की बाकाया राषि का भी भुगतान सुनिष्चित कराया जाय। वे आज विभिन्न कोल कपंनियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक में बोल रही थीं।
श्रीमती वर्मा ने निर्देश दिया कि प्रत्येक कंपनी को कोयले की मांग की विष्लेषणात्मक प्रोफाईल तैयार करनी होगी ताकि कोयले के प्रेषण में आई गिरावट के तथ्यों का पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि खदान से कोयले के खनन में कमी आ रही है ,साथ ही डिस्पैच नहीं हो पा रहा है जिस वजह से राज्य को राजस्व की क्षति हो रही है। उन्होंने निदेष दिया कि कोल डिसपैच में आई गिरावट की समीक्षा की जाय तथा इस हेतु खान आयुक्त श्री अबू बकर सिद्दिकी को देवघर और रामगढ़ में जाकर निरीक्षण करने का निर्देश दिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रेल के माध्यम से कोयले के डिसपैच में ट्रांजिट चालान एवं थ्वतूंतकपदह दवजम की व्यवस्था की जायेगी।
विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि कोल कंपनियों पर अब तक वाष कोल की 1680 करोड़ एवं डीएमएफटी का 624.30 करोड़ तथा नाॅन कोल का 221.82 करोड़ की राषि बकाया है।
बैठक में खान सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल, खान आयुक्त सी0सी0एल0 एवं हिंडाल्को सहित कई कंपनियों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

