
रांची, । खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री सरयू राय ने विभागीय सचिव को निर्देशित किया है कि सप्ताह के अंत तक धान खरीद की मुकम्मल व्यवस्था कर लें और सुनिश्चित करें कि सभी क्रय केंद्र खुल जाएं और ऑनलाइन सिस्टम दुरुस्त हो जाये। रामगढ़ जिला के विभिन्न प्रखंडों के क्रय केंद्रों का दौरा करने तथा जानकारियां लेने के बाद मंत्री ने यह निर्देश दिया।
मंत्री श्री राय ने आज पतरातू प्रखंड के बरकाकाना पैक्स एवं रामगढ़ प्रखंड के मुरामकला पैक्स का औचक निरीक्षण किया और पाया कि वहां पर धान खरीद की कोई व्यवस्था अब तक नहीं है। इसके उपरांत उन्होंने रामगढ़ के उपायुक्त से दुलमी, चितरपुर, गोला एवं मांडू प्रखंड के करमा पैक्स में धान खरीद की व्यवस्था की जानकारी ली तो पता चला कि किसी भी प्रखंड में धान की खरीद नहीं हो रही है।
उल्लेखनीय है कि राज्य के 24 में से 11 जिलों में भारत सरकार की एजेंसी भारतीय खाद्य निगम तथा 12 जिलों में नाकॉफ द्वारा धान की खरीद की जानी है। मात्र एक जिला रामगढ़ में झारखंड राज्य खाद्य निगम द्वारा धान की खरीद की जानी है परंतु इस एक जिले में भी धान खरीद की अब तक व्यवस्था नहीं है। दुलमी पैक्स से ही श्री राय ने विभागीय सचिव तथा एनआईसी के अधिकारियों से बात की। मंत्री ने बताया कि धान खरीद का ऑनलाइन सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा है और इसमें त्वरित सुधार की जरूरत है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि दो दिनों में इस गलती को सुधार कर किसानों के लिए वैकल्पिक क्रय केंद्र चुनने की सुविधा सॉफ्टवेयर में प्रदान की जाएगी।
मंत्री ने बताया वे आगामी कुछ दिनों में राज्य के सभी जिलों में भ्रमण कर धान खरीद की वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त करेंगे। उन्होंने रामगढ़ के उपायुक्त को निर्देश दिया कि किसानों के पंजीकरण के लिए कैंप लगाकर मिशन मोड में काम किया जाए ताकि अधिक से अधिक किसान पंजीकरण करायें और बिचौलियों के हाथ कम कीमत पर धान नहीं बेचें। मंत्री ने विभाग को यह भी निर्देशित किया है कि जिलों में किसानों के पंजीकरण के ऑनलाइन सिस्टम में डेटा एंट्री ऑपरेटर के कार्यों पर विशेष निगरानी रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि एक भी एंट्री गलत नहीं हो। डाटा इंट्री की गलती के कारण पतरातू पैक्स के किसानों को बरकाकाना मांडू प्रखंड के करमा पैक्स विधान पहुंचाने का एसएमएस चला गया है। ऐसी त्रुटियों को सुधार कर अधिक से अधिक पंजीकृत किसानो को एसएमएस भेजे जाएँ और उनके द्वारा तय किए गए विकल्पों पर ही धान लेकर 48 घंटे के अंदर उन्हें भुगतान किया जाए।
मंत्री ने कहा कि रामगढ़ प्रखंड के चंद जिम्मेदार लोगों से यह सूचना पाकर उन्हें दुख हुआ कि किसान बिचौलियों के हाथों 800 से 900 रुपए प्रति क्विंटल पर धान बेचने को विवश हैं जबकि सरकार उन्हें 16 सौ रुपए प्रति क्विंटल कीमत दे रही है। मंत्री ने विभागीय सचिव को निर्देश दिया है कि वह सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश करें कि कैंप लगाकर मिशन मोड में धान की खरीद की जाये और इसके लिए त्रुटिहीन व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।

