रांची ।
हंगामे के बीच झारखंड विधानसभा में सीएनटी-एसपीटी संशोधन विधेयक पारित होने के बाद नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झामुमो, कांग्रेस तथा वामदलों के नेताओं ने बुधवार को देर शाम राजभवन में राज्यपाल द्रौपदी मुमरू से मिलकर विधानसभा की कार्यवाही रद करने की मांग की। कहा कि राज्य सरकार द्वारा असंसदीय व असंवैधानिक तरीके से बाहुबल का सहारा लेकर संशोधन विधेयक पारित कराया गया। विपक्ष के नेताओं ने राज्यपाल से विधानसभा कार्यवाही की ऑडियो-वीडियो फुटेज मंगाकर इसकी जांच स्वयं करने तथा विधानसभा की असंवैधानिक कार्यवाही को निरस्त करने की मांग की। विपक्ष ने राज्यपाल को बताया कि द्वितीय पाली में विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते हुए अपरिचित लोगों को सदन में प्रवेश कराया गया। उनमें से कई नशे में धुत थे। इन अपरिचित व्यक्तियों द्वारा पीठासीन पदाधिकारी के स्थान को अपने कब्जे में ले लिया गया, जिसके बाद स्पीकर द्वारा प्रभारी मंत्री को राजकीय विधेयक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। इस क्रम में बाहरी व्यक्तियों ने महिला विधायकों के साथ र्दुव्यवहार भी किया। नेताओं ने कहा कि अपरिचित लोगों को सदन में प्रवेश कराकर संसदीय परंपराओं व नियमों का खुलकर उल्लंघन किया गया। शायद देश में यह पहली घटना है। राज्यपाल से मिलने वालों में सुखदेव भगत, स्टीफन मरांडी, दीपक बिरुवा, जोबा मांझी, राजकुमार यादव आदि थे।राज्य ब्यूरो, रांची : हंगामे के बीच झारखंड विधानसभा में सीएनटी-एसपीटी संशोधन विधेयक पारित होने के बाद नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झामुमो, कांग्रेस तथा वामदलों के नेताओं ने बुधवार को देर शाम राजभवन में राज्यपाल द्रौपदी मुमरू से मिलकर विधानसभा की कार्यवाही रद करने की मांग की। कहा कि राज्य सरकार द्वारा असंसदीय व असंवैधानिक तरीके से बाहुबल का सहारा लेकर संशोधन विधेयक पारित कराया गया। विपक्ष के नेताओं ने राज्यपाल से विधानसभा कार्यवाही की ऑडियो-वीडियो फुटेज मंगाकर इसकी जांच स्वयं करने तथा विधानसभा की असंवैधानिक कार्यवाही को निरस्त करने की मांग की। विपक्ष ने राज्यपाल को बताया कि द्वितीय पाली में विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते हुए अपरिचित लोगों को सदन में प्रवेश कराया गया। उनमें से कई नशे में धुत थे। इन अपरिचित व्यक्तियों द्वारा पीठासीन पदाधिकारी के स्थान को अपने कब्जे में ले लिया गया, जिसके बाद स्पीकर द्वारा प्रभारी मंत्री को राजकीय विधेयक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। इस क्रम में बाहरी व्यक्तियों ने महिला विधायकों के साथ र्दुव्यवहार भी किया। नेताओं ने कहा कि अपरिचित लोगों को सदन में प्रवेश कराकर संसदीय परंपराओं व नियमों का खुलकर उल्लंघन किया गया। शायद देश में यह पहली घटना है। राज्यपाल से मिलने वालों में सुखदेव भगत, स्टीफन मरांडी, दीपक बिरुवा, जोबा मांझी, राजकुमार यादव आदि थे।



