जमशेदपुर।
रेल मंत्रालय ने यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए पुरूलिया–आनंद विहार एक्सप्रेस (साप्ताहिक) नई ट्रेन को मंजूरी दे दी है। इस ट्रेन के मार्ग और समय को भी जारी कर दिया गया है। हालांकि, ट्रेन का नियमित परिचालन कब से शुरू होगा, इसकी आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। इस संबंध में जानकारी पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की है।
यह ट्रेन झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के लाखों यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी। खासकर रांची, लोहरदगा, डाल्टनगंज, गढ़वा, सासाराम, वाराणसी, अयोध्या, लखनऊ, बरेली और मुरादाबाद जैसे प्रमुख शहरों को अब दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से सीधी रेल कनेक्टिविटी मिल जाएगी। इससे न सिर्फ यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि उन्हें बार-बार ट्रेन बदलने की परेशानी से भी मुक्ति मिलेगी।
साप्ताहिक होगी नई एक्सप्रेस
रेल मंत्रालय द्वारा जारी विवरण के अनुसार यह ट्रेन सप्ताह में एक बार दोनों दिशाओं में चलेगी। इससे पूर्वी भारत और उत्तर भारत के बीच सफर करना पहले से ज्यादा सुगम हो जाएगा।
ट्रेन संख्या 14022 (आनंद विहार → पुरूलिया)
यह ट्रेन हर गुरुवार सुबह 05:00 बजे आनंद विहार से रवाना होगी और अगले दिन शुक्रवार सुबह 10:40 बजे पुरूलिया पहुंचेगी।
ट्रेन संख्या 14021 (पुरूलिया → आनंद विहार)
यह ट्रेन हर शुक्रवार शाम 05:00 बजे पुरूलिया से प्रस्थान करेगी और उसी रात 11:10 बजे आनंद विहार पहुंचेगी।
रांची–लोहरदगा–वाराणसी–लखनऊ के रास्ते
यह ट्रेन रांची और लोहरदगा होते हुए मगध और पूर्वांचल क्षेत्र से गुजरकर दिल्ली पहुंचेगी। इस रूट से लाखों यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा, जो लंबे समय से इस कनेक्टिविटी की मांग कर रहे थे।
प्रमुख ठहराव स्टेशन:
मुरादाबाद → बरेली → लखनऊ → अयोध्या कैंट → वाराणसी → पं. दीनदयाल उपाध्याय जं. → भभुआ रोड → सासाराम → डेहरी ऑन सोन → जपला → गढ़वा रोड → डाल्टनगंज → लातेहार → बरवाडीह → तोरी → लोहरदगा → रांची → मुरी → पुरूलिया
तीन राज्यों को जोड़ेगी ट्रेन
यह ट्रेन मुख्य रूप से तीन राज्यों से होकर गुजरेगी—
उत्तर प्रदेश: मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, पं. दीनदयाल उपाध्याय जं.
बिहार: भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी ऑन सोन, जपला
झारखंड: गढ़वा रोड, डाल्टनगंज, लातेहार, बरवाडीह, तोरी, लोहरदगा, रांची, मुरी
22 कोच, यात्रियों को मिलेगी बड़ी सुविधा
इस ट्रेन में कुल 22 कोच होंगे, जिससे बड़ी संख्या में यात्रियों को आरामदायक सफर मिलेगा। इसमें स्लीपर, एसी और जनरल कोच शामिल किए जाने की संभावना है। यह ट्रेन नौकरीपेशा, छात्रों, तीर्थ यात्रियों और व्यापारियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस ट्रेन की मंजूरी पर खुशी जताई है। उनका कहना है कि इससे झारखंड और उत्तर प्रदेश के बीच आर्थिक, शैक्षणिक और धार्मिक आवाजाही को नया बढ़ावा मिलेगा। अब सभी को केवल इसके नियमित परिचालन की आधिकारिक तिथि का इंतजार है।



