
अपने संसाधनों से आठ पंचायतों को सैनिटाइज करने में
जुटे हैं जमशेदपुर के जिला परिषद उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह


जमशेदपुर। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में देश और राज्यों की सरकारें, स्वास्थ्यकर्मी, पुलिसकर्मी, मीडियाकर्मी और सामाजिक संगठन सभी पूरी लगन से जुटे हैं। कई विधायको और सांसदों ने भी अपनी क्षेत्रीय निधि से स्थानीय प्रशासन को अपने इलाके में साफ सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए राशि दी है, लेकिन एक जनप्रतिनिधि ऐसा है जो बिना किसी सरकारी मदद के खुद ही पूरे इलाके को सैनिटाइज करने में जुटा है। अपने इलाके की करीब 75 हजार की आबादी को संक्रमण के खतरे से बचाने के लिए वह लगातार सक्रिय है।
#पूरे इलाके को कर रहे सैनिटाइज
बात हो रही है झारखण्ड के पूर्वी सिंहभूम जिले के जिला परिषद उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह की। 46 वर्षीय सिंह के निर्वाचन क्षेत्र में आठ पंचायतें आती हैं, जहां करीब 75 हजार की आबादी निवास करती है। ये पंचायतें मुख्यतः गदड़ा, सरजामदा, राहरगोड़ा और बारीगोड़ा में पड़ती हैं। पिछले एक सप्ताह से छह मजदूर इन इलाकों के हर घर में जाकर ब्लीचिंग पाउडर के घोल और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं। सैनिटाइजेशन का यह काम और तेजी से चले, इसके लिए राजकुमार सिंह से एक मशीन भी मंगाई है, जो रविवार से छिड़काव आरंभ कर देगीं।
#सड़कों की भी होगी धुलाई
सिंह के इस काम की जानकारी मिलने हमने उनसे बात की। उन्होंने बताया कि घर-घर सेनेटाइजेशन के अलावा रविवार से सड़कों को ब्लीचिंग पाउडर युक्त पानी से सैनिटाइज कराने का काम शुरू करेंगे। उनके दो निजी टैंकरों के जरिये सड़कों की धुलाई की जायेगी।
#हर आनेवाले पर रखी जाती है नज़र
सिंह ने बताया कि उनके आग्रह पर जिले के सिविल सर्जन ने डॉक्टरों की एक टीम भी इलाके में दी है। उनके क्षेत्र में बाहर के किसी व्यक्ति के आने की सूचना पर उसकी पूरी जांच कराई जाती है तथा उसके स्वास्थ्य पर नजर रखी जाती है।
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सालों भर देते हैं निःशुल्क पेयजल
ऐसा नहीं कि राजकुमार सिंह इस समय ही लोगों की सेवा में जुटे हैं। इलाके में दवाओं का छिड़काव हो, तालाबों और जल स्रोतों की मरम्मत और रख-रखाव हो या गर्मी के दिनों में लोगों के घर तक अपने टैंकरों से निशुल्क पेयजल की व्यवस्था करना, यह जनप्रतिनिधि साल के 12 महीने चौबीसों घंटे जनता के लिए उपलब्ध रहता है। 16 हजार लीटर की क्षमता वाले उनके दो पानी के टैंकर पूरी गरमी आठों पंचायतों में शुद्ध पेयजल वितरित करते हैं। यह पेयजल उन्हें टाटा कंपनी के फिल्टर प्लांट से खरीदना पड़ता है।
#लोगों के चहेते
अपने हंसमुख स्वभाव, विनम्रता और लोगों की मदद करने के कारण राजकुमार सिंह पूरे पूर्वी सिंहभूम जिले में हर समुदाय के लोगों में काफी लोकप्रिय हैं। खासकर युवाओं के तो वे चहेते हैं।
#समाज को लौटाना फर्ज : राजकुमार
जहां एक ओर दवाओं तथा सैनिटाइजेशन के लिए बाकी सभी लोग स्थानीय प्रशासन पर निर्भर हैं, राजकुमार कहते हैं कि जब केंद्रीय रिजर्व पुलिस के जवान इस संकट में ड्यूटी निभाते हुए भी अपना एक दिन का वेतन प्रधानमंत्री राहत कोष में दे सकते हैं, तो हम तो जनप्रतिनिधि हैं। समाज ने हमें नाम और इज्जत सबकुछ दिया है, तो हमारा भी फर्ज है कि संकट की इस घड़ी में समाज को लौटायें।
सभार – वरिष्ठ पत्रकार आनन्द कुमार के सोशल पेज से




