पटना-बड़ी पटन देवी यहाँ गिरा था देवी का दाहिना जंघा जानिए

 

RAJESH 0010002

राजेश तिवारी 
पटना |

पटना की बड़ी पटन देवी पटना के भद्र घाट से पाँच सो मीटर  चलने पर ही दाहिने बड़ी पटनदेवी का मुख्य प्रवेश द्वार है इस द्वार के दक्षिण में जाने वाले रास्ते पर चलते जाए सीधे माँ के द्वार आप पहुच जायेगे |
पटना की  नगर रक्षिका के रूप में समाहत बड़ी पटनदेवी देश के 51 शक्तिपीठ में शामिल है | यहाँ देवी की दाहिनी जघा कटकर गिरी थी | पटनदेवी में विभूति समाहित हो जाती है यहाँ के हवन कुंड में | यहाँ के हवन कुंड में लाखो भक्त हवन करते है | यहाँ भी एक आश्चर्य है की हवन कुंड से उठने वाली ज्वाला शांत होने के बाद विभूत (भभूत )हवन कुंड में ही समाहित हो जाती है | यहाँ तीन देवियो के दर्शन एक साथ हो जाते है | मंदिर के बीच शेर दर्शननीय है | मंदिर में सुरझा के दृष्टिकोण सेसीसीटीवी कैमरे भी लगे है |  प्रारम्भ से ही बड़ी पटनदेवी में बलि चढाने की परम्परा रही है जो भी विधमान हलाकि धीरे -धीरे स्वरूप बदल रहा है | नवरात्र में  अष्टïमी व नवमी को सूर्यादय के बाद बलि दी जाती है | यहाँ महाकाली,महासरस्वती,महालक्ष्मी की प्रतिमाए एक साथ पूजनीय है | मंदिर के महत विजय शंकर गिरी बताते है की सैकड़ो वर्ष प्राचीन इस मंदिर के बारे में कहा जाता है की यह उसी जगह निर्मित है जहा सती की दाहिनी जघा कट कर गिरी
थी ,यहां भगवती का रूप सर्वानंदकरी तथा भैरव व्योमकेश हैं।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More