पटना-शहाबुद्दीन को नहीं मिली राहत जाना पड़ा फिर जेल

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RAJESH 0010002

राजेस तिवारी 
पटना |

शहाबुद्दीन को फिर उसी जेल में बंद कर दिया गया जहा से वो निकलते थे | सुप्रीमो कोर्ट का फैसला आते ही शहाबुद्दीन ने सिवान कोर्ट पहुचकर आत्मसमर्पण कर दिया | जो शहाबुद्दीन 13 साल बाद 10 सितंबर को भागलपुर जेल से बेल पर बाहर निकाला था और उस वक्त वह तीन सौ से ज्यादा गाड़ियों का काफिला लेकर घर पंहुचा था वही शहाबुद्दीन प्रशासन की नज़रो से बचते हुए अपने कपड़े बदलकर एक सपोटर की बाइक के पीछे बैठकर सिवान कोर्ट पहुच गया और सरेंडर किया | कोई जान भी नहीं पाया की शहाबुद्दीनसिवान कोर्ट कब पहुच गए ?
जेल से निकालकर ही नीतीश पर जमकर साधा था निशाना
भागलपुर जेल से निकलते ही लालू यादव को अपना नेता बताया था ,और नीतीश कुमार को अपना
नेता मानने से इंकार करते हुए उन्हें परिस्थितिवश नेता कहा था ,इस बात को लेकर कई दिन तकसियासत गर्म रही थी | पझ -विपझ में जमकर तीर चले थे | वही कल आत्मसमर्पण के बाद शहाबुद्दीन ने नीतीश को चेतावनी देते हुए कहा की अगले चुनाव में शहाबुद्दीन के समर्थक इसका बदला जरूर लेगे | शहाबुद्दीन के बाहर आने के बाद बिहार सरकार की खूब किरकिरी हुई थी | तेज़ाब कांड में जमानत के बाद बिहार सरकार की कानून व्यवस्था पर भी सवालिया निशान उठने लगे थे | सिवान में एमपीसाहब के मशहूर शहाबुद्दीन का अपराध से पुराना रिश्ता रहा है | अपराध के शुरूआती दिनों में शहाबुद्दीन को सिवान में लोग लाल ब्लेजर वाले के नाम से जानते थे ,चाहे अपराध की दुनिया हो या राजनितिक दमखम ,दोनों ही जगहों पर शहाबुद्दीन के आगे अच्छे -अच्छे पानी भरते नज़र आते है | सिवान ही नहीं पुरे बिहार में इस सख्स की तूती बोलती थी |

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