
पटना।


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में बिहार के सभी नौ प्रमण्डलीय मुख्यालयों में 134.62 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले ‘परीक्षा भवनों’ तथा 10.50 करोडड रूपये की लागत से बनने वाले बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के ‘प्रशासनिक भवन’ का केन्द्रीकृत शिलान्यास एवं बिहार के सभी नौ प्रमण्डलीय मुख्यालयों में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के ‘क्षेत्रीय कार्यालयों’ का केन्द्रीकृत उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने विगत 12 वर्षों (2005-2016) के मैट्रिक एवं इंटर परीक्षा के परीक्षार्थियों के अंक पत्रों व प्रमाण-पत्रों को ऑनलाइन किये जाने, परीक्षार्थियों के अंक पत्रों और प्रमाण-पत्रों को डिजिटल लॉकर के माध्यम से उपलब्ध कराये जाने की सुविधा तथा परीक्षार्थियों के अंक पत्रो और प्रमाण-पत्रों को वेरिफिकेशन हेतु क्यू0आर0 कोड तथा एम- सर्टिफिकेट द्वारा सत्यापन की व्यवस्था का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर आयोजित समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन करते हुये मुख्यमंत्री नेकहा कि मैं सबसे पहले शिक्षा विभाग और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को बधाई देता हू कि उन्होंने परीक्षा एवं मूल्यांकन में पूरी पारदर्शिता लाने के लिये ठोस कदम उठाये। आज से लगभग दो साल पहले वैशाली जिला में एक बहुम जिले भवन पर खिड़की के किनारे खड़े होकर परीक्षा में चोरृ कराने का फोटो सोशल मीडिया पर इतना वायरल हुआ कि उससे बिहार की बदनामी हुयी। उसी समय हमने सोचा कि हर सूरते हाल में परीक्षा इस प्रकार आयोजित की जाय कि कदाचार की कोई गुंजाइश न हो। अगली बार जब परीक्षा आयोजित हुयी तो शिक्षा विभाग ने जिला प्रशासन के सहयोग से जबर्दस्त तैयारी की और मुख्य सचिव तथा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की और से जबर्दस्त मॉनिटरिंग हुयी, जिसका परिणाम यह हुआ कि परीक्षा में चोरी नहीं हुयी। बहुत से लोग परीक्षा में शामिल ही नहीं हुये। परीक्षा केन्द्रों पर अच्छे से काम हुआ किन्तु बिहार विद्यालय परीक्षासमिति के कतिपय लोगों ने धंधा किया और पहले से भी कर रहे थे। जब यह प्रकट हुआ और समाचार पत्रों में भी काफी खबरें आयी तो मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक एवं प्रधान सचिव शिक्षाको मैंने निर्देश दिया कि अब जॉच का मामला नहीं है, यह प्राथमिकी दर्ज करने का मामला है। यह सीधे-सीधे गड़बड़ी, धांधली और अपराध है, इसमें प्राथमिकी होगी और अनुसंधान होगा। फिर एफ0आई0आर0 हुआ, उसका अनुसंधान हुआ और उसके बाद क्या हुआ सबको मालूम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकरण के बाद पटना के आयुक्त श्री आनंद किशोर ने अध्यक्ष बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का कार्यभार संभाला और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लायी।

