अमेरिका की पुस्तक में माधुरी दीक्षित के फैन पप्पू सरदार की भक्ति की चर्चा पब्लिक हिंदुज्म नामक अंग्रेजी पुस्तक में पत्रकार शालिनी कक्कड ने किया है वर्णन

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रवि कुमार झा,जमशेदपुर,22 अप्रैल

पिछले 18 वर्षो से सिने तारिका माधुरी दीक्षित का काफी धूमधाम से जन्मदिन मनाने वाले लौहनगरी (साकची) के पप्पू सरदार का माधुरी दीक्षित के प्रति आस्था और भक्ति की चर्चा केवल जमशेदपुर, झारखंड ही नहीं पुरे भारत समेत विदेशों में भी होने लगी हैं। जी हां, अमेरिका (यूएस) से प्रकाशित इस माह के पब्लिक हिंदुज्म नामक अंग्रेजी पुस्तक में कई मुद्दों पर देवी-देवताओं सहित किसी अन्य के प्रति भक्ति काफी संजीदगी से उल्लेख किया गया हैं, जिसमें सिने तारिका माधुरी दीक्षित के प्रति पप्पू सरदार की आस्था और भक्ति का वर्णन किया गया हैं।
सेज पब्लिकेशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से मुद्रित इस पुस्तक में कैलिफोर्निया से भारत दौरे पर आयी पत्रकार शालिनी कक्कड़ ने इस पर 11 पेज में पुरानी 05 फोटो के साथ विस्तार से चर्चा की हैं। पब्लिक हिंदुज्म अंग्रेजी पुस्तक के पेज नंबर 112 से 122 कुल 11 पेजों में पत्रकार शालिनी कक्कड़ ने बताया है कि किस तरह पप्पू सरदार हर वर्ष 15 मई को माधुरी दीक्षित के जन्मदिन पर भव्य आयोजन करता हैं। माधुरी दीक्षित के जन्मदिन को पप्पू सरदार एक धार्मिक उत्सव की तरह मनाता हैं। इतना ही नहीं माधुरी की दीर्घायु के लिए उस दिन पूजा करने वाले पंडित संतोष कुमार त्रिपाठी और उनके सहयोगी पंडित भी जय श्री माधुरी देवी जी आय नमः के मंत्र का उच्चारण करते हैं। इस मौके पर उपस्थित सैकड़ो लोग भी माधुरी दीक्षित की जय का उद्घोष करते हैं।
पुस्तक में माधुरी के नाम पर सेवा भावना का भी वर्णन किया गया हैं। पत्रकार शालिनी कक्कड़ के अनुसार बाराद्धारी स्थित ओल्ड एज होम में रहने वाले बुजूर्ग और सुंदरनगर स्थित चेशायर होम में रहने वाले मानसिक व शारीरिक रूप से विक्षिप्त लोगों के साथ माधुरी दीक्षित के नाम पर पप्पू सरदार हर पर्व की खुशी मनाता है, चाहे होली हो या दिवाली या फिर माधुरी का जन्मदिन हो या फिर रक्षा बंधन का पर्व। इस पुस्तक की एडिटिंग मशहूर शिक्षाविद जोन जेवोस, पारले कानूनगो, दीपा एस रेडडी, माया वारियार और रायमंड ब्राडी विलियम ने की हैं।
इस संबंध में पप्पू सरदार ने खुशी प्रकट करते हुए कहा कि जैसा उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था, उससे बढ़कर हो गया, इससे पूरी लौहनगरी का नाम रौशान हुआ हैं। पप्पू ने बताया कि कल जब पुस्तक उसके हाथ में आयी तो खुशी के मारे आंसू गिर पड़े। पप्पू ने यह भी बताया कि अगले माह 15 मई को माधुरी दीक्षित की जन्मदिन की तैयारी में वह लगा हुआ हैं और इसी बीच पुस्तक का भारत के बाजार में आने से ऐसा लग रहा है जैसे आज ही माधुरी दीक्षित का जन्मदिन हैं।

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