
जमशेदपुर।


उपायुक्त रविशंकर शुक्ला के निर्देश के आलोक में पूर्वी सिंहभूम जिले में चैम्बर ऑफ फार्मर्स के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। चैम्बर ऑफ फार्मर्स के गठन का उद्देश्य सभी प्रगतिशील किसानों को एक मंच उपलब्ध कराना है जहां वे अपने अनुभव, तकनीकि जानकारी एक दूसरे से साझा कर सकें एवं खेती-किसानी के क्षेत्र में क्या नवाचार लाया जा सकता है इसपर विचार किया जा सके।
17 जुलाई 2019 को आत्मा सभागार, जिला कृषि कार्यालय खासमहल, जमशेदपुर में चैम्बर ऑफ फार्मर्स के गठन हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। जिला कृषि पदाधिकारी सह आत्मा के परियोजना निदेशक श्री मिथिलेश कुमार कालिन्दी की अध्यक्षता में पूर्वी सिंहभूम में प्रगतिशील किसानों के समूह निर्माण हेतु जिले के सभी प्रखण्डों से 5-5 प्रगतिशील किसानों को चैम्बर ऑफ फार्मर्स के गठन हेतु आंमत्रित किया गया था। इसमें कम पढ़े लिखे किसानों के साथ-साथ बिजनेस मैनेजमेंट में डिग्रीधारक शख्स जैसे राकेश माहंती जो एक्स.एल.आर.आई जमशेदपुर के पूर्व छात्र रहे हैं, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिसरिज कोलकाता से मत्स्य पालन में प्रशिक्षित हैं, तसर रिसर्च सेंटर, राँची से सेरीकल्चर में प्रशिक्षित हैं वे किसान के रूप में शामिल हुए। श्री महंती सन् 2012-2017 तक टाटा कंसटेंन्सी सर्विसेज में सेवा दे चुके है। वहीं रांची यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रजुएट सुदिप्ता घोष, ग्राम खुंटाडीह घाटशिला प्रखण्ड में जरबेरा, गुलाब एवं गुलदाउदी फुल की उन्नत खेती करने में जाना पहचाना नाम है। इनके अलावा झारखण्ड सरकार द्वारा चयनित इजरायल भ्रमण में शामिल प्रगतिशील किसान श्रीमंत मिश्रा जो राखडीह गांव, पटमदा प्रखण्ड के निवासी हैं वे समेकित कृषि करने में पारंगत हैं। पटमदा प्रखण्ड के ही बांसगढ़ गांव के यदुनाथ गोराई जो सब्जी और टमाटर की खेती में पूर्वी सिंहभूम में अव्वल नाम है। नरेश किस्कु जमशेदपुर प्रखण्ड के गोड़गोड़ा गांव के है, समेकित कृषि का बेहतरीन तरीका जानते है। सुंदूर गांव डुमरिया के पुलक कुमार साव जिन्होंने यहाँ के जलवायु में अंगुर की खेती करके साबित कर दिया कि किसान चाहे तो परंपरागत खेती के अलावा गुणवत्तापूर्ण फल-फूल का भी उत्पादन कर आत्मनिर्भर हो सकता है।
किसानों को उनके उत्पाद हेतु उचित बाजार एवं आमदनी दिलाने के उद्देश्य से ही इन सभी प्रगतिशील किसानों को मिलाकर पूर्वी सिंहभूम चैम्बर ऑफ फार्मर्स के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। आगे चलकर प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर भी प्रगतिशील किसानों को एक मंच उपलब्ध कराने हेतु चैम्बर ऑफ फार्मर्स का गठन किया जाएगा।
निम्न उद्देश्य की पूर्ति के लिए संघ की स्थापना की जा रही है-
1. जिले के सब्जी उत्पादकों की ओर से केन्द्र और राज्य सरकार, योजना आयोग एवं अन्य संबंधित प्रतिनिधित्व के लिए और किसी भी सरकारी एजेंसी में किसान समूहों का प्रतिनिधित्व करने वाली समिति पर सेवा देने के लिए सदस्यों को नामित करना
2. पूर्वी सिंहभूम जिला में सब्जी के उत्पादन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद के खेतों को विकसित करने के लिए जो उच्च तकनीक बागवानी को अपना कर वाणिज्यिक बागवानी विकसित करने के लिए हब के रूप में कार्य करेगा
3. पूर्वी सिंहभूम जिला ओर झारखण्ड राज्य को बागवानी में आर्थिक शक्ति बनाने हेतु सभी प्रयास करने के लिए और विशेष रूप से सब्जी, फल एवं फुल के उत्पादन में आत्मा निर्भरता
4. बागवानी के लिए पूर्वी सिंहभूम में उच्च गुणवत्ता वाले सब्जी, फल एवं फुल को विकसित करना
5. फसल की उपज और विपणन में सुधार के लिए बागवानी फसल के प्रगतिशील उत्पादकों का सहयोग सुनिश्चित करना
6. पूर्वी सिंहभूम जिले के सभी प्रगतिशील किसानों के संगठनों को मदद करने के लिए
7. बागवानी फसल के संवर्धन के लिए स्थानीय, जिला, राज्य, क्षेत्रीय, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, प्रदर्शनियों का आयोजन करके विपणन के क्षेत्र में नई तकनीकों/ अवधारणाओं की शुरूआत के बारे में प्रौद्योगिकी जागरूकता पैदा करना
8. एक क्षेत्र में कई किसानों की उपज को संग्रहित करने एवं विपणन की प्रक्रिया में उत्पादकों और विपणक तथा उपभोक्ताओं के बीच संबंध को बेहतर बनाने के लिए।
9. संघ की संपत्ति/बचत के सभी या किसी भी हिस्से के साथ बेचने, सुधारने, प्रबंधन, विकास, पट्टे, बंधक, निपटान या अन्य प्रकार का सभी सदस्यों के बीच पारस्परिक सौदा को सुलभ करने के लिए।
उल्लेखित अवधारणाओं की शुरूआत संघ के माध्यम से किया जाएगा जिससे जिले में उत्पादित अधिक मात्रा में एवं उत्तम गुणवत्ता का फल, फुल, सब्जी उत्पाद का राष्ट्रीय स्तर ही नहीं बल्कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर बाजार मिले एवं डिमांड हो।
आने वाले समय में निश्चित तौर पर इस चैम्बर ऑफ फार्मर्स से जुड़ने वाले किसानों को लाभ मिलने लगेगा यह संघ का प्रयास हमेशा रहेगा एवं सन् 2022 तक किसानों के आय दोगुनी करने में चैम्बर ऑफ फार्मर्स वचनबद्ध होगा।

