जमशेदपुर।
स्थानिय निती को लेकर 24 अप्रैल को झारखंड मुक्ती मोर्चा के द्वारा कोल्हान बंद को सफल रहा ये बाते झारखंड मुक्ती मोर्चा के केन्द्रीयमहासचिव सह सरायकेला के विधायक चंपई सोरेन पत्रकारो से बातचीत के दौरान कही । उन्होने कहा कि ये तो अंदोलन की शुरुआत है अगर फिर भी राज्य सरकार अपने फैसले को वापस नही लेती है तो ये अंदोलन और भी बड़ा होगॉ। उन्होने 24 अप्रैल को स्थानिय निती को लेकर कोल्हान बंद मे जनता का समर्थन मिलने पर उन्हे बधाई देते हुए कहा कि ये राज्य सरकार जो स्थानिय निती को धोषणा की है वह स्थानिय मुलावासी के साथ धोखा किया गया है। इसे जे एमएम बर्दाश्त नही करेगी। और इसको लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार अंदोलन जे एम एम के द्वारा चलाया जाएगा। और कोल्हान के बंदी के साथ ही इस अंदोलन की शुरुआत हो गई है। उन्होने कहा कि जिस प्रकार चर्चा थी कि हमारे प्रधानमंत्री पंचायत प्रतिनिधी को कोई संदेश देगे इस प्रकार की कोई बात और नही कोई संदेश प्रधानमंत्री के द्वारा यहां दिया गया। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री जी दो साल पहले कहा था कि उनके शासन काल मे पंचायतो को अधिकार दिया जाएगा। लेकिन वैसा कुछ नही दिखा। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के नाम पर रांची , जमशेदपुर और सरायकेला जिला की जनता को बेवजह परेशान किया गया। उन्होने कहा कि इस कार्यक्रम के एसा समय किया गया जब पुरा जिला पानी से त्राहीमान कर रहा है। कहा जाएये कार्यक्रम जनता का नही भाजपा का कार्यक्रम था।
वही बहारागोड़ा के विधायक कुणाल षाडंगी ने कहा कि वे कुणाल षांडगी ने कहा कि इस बंदी के दौरान जिस प्रकर राज्य सरकार के द्वारा हमारे कार्यकर्ताओ पर दड़ात्मक रवैया अपनाया गया यह आपातकालीन की याद दिलाता है। उन्होने कहा कि यह कार्यक्रम आखिर जमशेदपुर मे क्या कराया गया । इसके पीछे क्या कारण है। उन्होने कहा कि पांच माह होने को है लेकिन पंचायतो को कोई अधिकार नही दिया गया है.। उन्होने कहा कि बंदी के दौरान मेरे बहारागोड़ा आवासीय कार्यलय मे कुछ पुलिस कर्मीयो के द्वारा तोड़ फोड की गई । इस दौरान कई महत्वपूर्ण कागजात भी गायब हो गए। उन्होने कहा कि इस मामले को लेकर विधान सभा मे अवमानना का प्रस्ताव लाउगा।
