
जमशेदपुर ।शांति के पूंज ,शहीदों के सरताज ,सिक्खों के पांचवे गुरु ,मानवता के सच्चे सेवक , धर्म के रक्षक ,शांत और गंभीर स्वभाव के स्वामी ,श्री गुरु अर्जुन देव जी महाराज सिख धर्म के पहले बलिदानी थे ये बातें आज श्री गुरु अर्जुन देव जी महाराज की शहादत को समर्पित लगाई गई छबील के दौरान नमन संस्था के संस्थापक अमरप्रीत सिंह काले ने कही।


सबसे पहले साकची गुरुद्वारा के ग्रंथी साहब ने अरदास कर प्रसाद तैयार किया।इस दौरान हजारों प्यासों को मीठा शर्बत पिला कर सेवा दी गयी और उनके बीच चने के प्रसाद का वितरण किया गया ।छबील में पटना साहिब के पदाधिकारी शैलेन्द्र सिंह , पटना साहिब के उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह , इंटक नेता राकेश्वर पाण्डेय , टाटा मोटर के अध्यक्ष गुरमीत सिंह तोते , महामंत्री आर.के.सिंह, इंटक नेता विजय खान , साकची गुरुद्वारा के प्रधान हरविंदर सिंह मंटू ,टिनप्लेट गुरुद्वारा के पूर्व प्रधान गुरूचरण सिंह बिल्ला, सूरजीत सिंह , आल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फ़ेडरेशन के सतनाम गम्भीर , सूखविंदर सिंह , परमजीत सिंह काले, राजू सिंह , बलकार सिंह , सोनू बिंद्रा , राजू मारवाह , सतिन्दर सिंह रोमी , सिरे पाजी , इंदरजीत सिंह, रॉकी सिंह आदि कई गुरुद्वारों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
नमन की और से अखिलेश पांडेय,स्वाति मित्रा,तरनप्रीत,सीमा जायसवाल,किरण सिंह,जुगुन पांडेय,पप्पू राव,प्रिंस सिंह,घनश्याम भिरभिरिया,रामा राव,विनोद , धीरज चौधरी,अनुज मिश्रा सहित काफी संख्या में लोग सेवा हेतु उपस्थित थे।

