सिडबी ने MSME की सहायता के लिए वेब-मॉड्यूल का किया शुभारंभ

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जमशेदपुर: भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के संवर्द्धन, वित्तपोषण एवं विकास के लिए देश की शीर्ष वित्तीय संस्था है। सिडबी ने एमएसएमईकी सहायता के लिए वेब पोर्टल https://arm-msme.in का शुभारंभ किया है, ताकि वे भारतीय रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (आरबीआई ) के एमएसएमई पुनर्संरचना संबंधी दिशानिर्देशों का लाभ उठा सकें। इस स्व-सहायक (डू-इट-योरसेल्फ) असेट रिस्ट्रक्चरिंग वेब मॉड्यूल की मदद से, एमएसएमई अपनी पिछली वित्तीय स्थिति, भविष्य के प्रानुमान और पुनर्संरचना संबंधी ज़रूरत के केवल सर्वाधिक आवश्यक आँकड़े (डेटा) प्रविष्ट कर, आरबीआई के दिशानिर्देशों के अंतर्गत पुनर्संरचना प्रस्ताव तैयार कर सकेंगे।
इस अवसर पर बोलते हुए, सिडबी के उप प्रबंध निदेशक मनोज मित्तल ने कहा, हमने यह मॉड्यूल अपनी सहयोगी संस्था इंडिया एसएमई असेट रिस्ट्रक्चरिंग कंपनी लिमिटेड (आईएसएआरसी) के सहयोग से विकसित किया है, जो एक असेट पुनर्निर्माण कंपनी (एआरसी) है। यह क़दम आर्थिक सुधारों में सहायक होगा और इस दिशा में भारत सरकार द्वारा घोषित दूरगामी कार्यक्रमों के लाभ उपलब्ध कराने में पूरक बनेगा।
पंजाब नैशनल बैंक और इंडियन बैंक पहले ही उन पुनर्संरचना प्रस्तावों को स्वीकार करने के लिए सहमत हो गए हैं, जिन्हें उनके एमएसएमई ग्राहकों ने इस मॉड्यूल का उपयोग कर तैयार किया है। इस आशय के एक समझौता ज्ञापन पर आज सिडबी और इंडियन बैंक के बीच श्रीमती पद्मजा चुंदुरु, एमडी और सीईओ, इंडियन बैंक की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। आरबीआई ने कोविड-19 से संबंधित दबाव का सामना कर रही विकासक्षम एमएसएमई इकाइयों की स्थिति में सुधार के लिए, एमएसएमई अग्रिमों की मौजूदा एकबारगी पुनर्संरचना का दायरा 31मार्च, 2021 तक बढ़ा दिया है, लेकिन अनेक एमएसएमई इकाइयों के लिए अपने-आप पुनर्संरचना प्रस्ताव तैयार करना कठिन होता है। यह स्वसहायक किट उन्हें उनकी व्यवसाय समझ के आधार पर सहजता से ऐसा करने के लिए एक सुगम साधन उपलब्ध कराता है।

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