
इडस्ट्रीलिस्ट एवं कारपोरेट जगत के लोगो ने उपायुक्त को आश्वस्त किया कि प्रवासी मजदूरों को उनके योग्यता अनुरूप यथासंभव रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।


अब तक पूर्वी सिंहभूम जिले में आए कुल 8645 प्रवासी मजदूर।जिसमें 1622 स्किल्ड 1486 सेमी स्किल्ड और 5390 अंस्किल्ड प्रवासी मजदूर।
जमशेदपुर।
वैश्विक महामारी covid19 से बचाव एवं रोकथाम के उद्देश्य देशभर में किए गए लॉक डाउन के कारण विभिन्न राज्यों में बेरोजगार हुए मजदूर अपने गृह जिला में विभिन्न माध्यमों से पहुंचे। इस क्रम में पूर्वी सिंहभूम जिले में अब तक कुल 8645 प्रवासी मजदूर आए। इन प्रवासी मजदूरों को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने के प्रति जिला प्रशासन द्वारा मनरेगा के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर रोजगार उपलब्ध कराने इस संबंध में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।इस क्रम में आज समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में प्रवासी मजदूरों को उनके योग्यता के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों मसलन पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, पथ निर्माण विभाग लघु सिंचाई विभाग भवन निर्माण, विशेष प्रमंडल,ग्रामीण अभियंत्रण संगठन,खनन विभाग सहित अन्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक संपन्न हुई। बैठक में उपायुक्त में पदाधिकारियों को कहा कि जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न माध्यमों से सर्वे कर पूर्वी सिंहभूम जिले में अब तक आए कुल प्रवासी मजदूरों से संबंधित संपूर्ण जानकारी एकत्रित की गई है। अब तक जिले में कुल 8645 प्रवासी मजदूर आए हैं जिन से संबंधित संपूर्ण जानकारी जिला प्रशासन के पास उपलब्ध है। जिसमें प्रवासी मजदूरों की योग्यता उनकी शिक्षा वे किस राज्य में कार्यरत थे यह पूरी जानकारी जिला प्रशासन द्वारा संकलित की गई है।उन्होंने विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को बताया कि पूर्वी सिंहभूम जिले में अब तक आए प्रवासी मजदूर में स्किल्ड सेमी स्किल्ड और अनस्किल्ड मजदूर है। उनके योग्यता के अनुरूप उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास करें विभिन्न माध्यमों से उन्हें रोजगार उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि यह हमारी नैतिक जिम्मेवारी भी है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं लेकिन वह उनके लिए पर्याप्त नहीं है । इसलिए जरूरी है कि हम विभिन्न माध्यमों से उन्हें उनकी योग्यता अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयास करे। वहीं उपायुक्त में बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों को जिले के विभिन्न प्रखंडों में चल रही विकास योजनाओं से संबंधित संपूर्ण जानकारी से संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया। उपायुक्त द्वारा कारपोरेट जगत एवं इंडस्ट्रीलिस्ट लोगो के साथ भी प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में बैठक किया गया। ओपेक में विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि को बताया कि जिले में जो प्रवासी मजदूर आए हैं उनमें स्किल्ड और सेमी स्किल्ड मजदूर हैं जिन्हें अच्छा खासा कार्य का अनुभव है जिसका लाभ यहां के इंडस्ट्रीज को मिल सकता है। उपायुक्त ने कारपोरेट जगत के प्रतिनिधियों और विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों से आए प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए सुझाव के तौर पर बताया कि कोल्हान प्रमंडल में 10 से 15000 राजस्थान के मोरवी से आए हैं जिन्हें टाइल्स इंडस्ट्री में काम करने का अच्छा खासा अनुभव है इन प्रवासी मजदूरों को उनके अनुभव का लाभ उठाते हुए टाइल्स उद्योग लगाने पर भी विचार किया जा सकता है। उपायुक्त ने कारपोरेट जगत के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि यदि प्रवासियों मजदूर को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु किसी प्रकार का प्रशिक्षण प्रदान करने की बात होगी तो इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा उन्हें प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा।
प्रखंडवार प्रवासी मजदूरों की बात करें तो बहरागोड़ा प्रखंड में 1268 बोड़ाम में 966,चाकुलिया 1537, धालभूम गढ़ 616,डुमरिया 761, घाटशिला 499,गोलमुरी सह जुगसलाई 182, गुडाबंदा 345,पोटका 747,पटमदा 1138 और मुसाबनी प्रखंड में 596 प्रवासी मजदूर आए हैं।इस प्रकार कुल प्रवासी मजदूर 8645, जिसमें स्किल्ड 1622,सेमी स्किल्ड 1486 और अन स्किल्ड 5390 प्रवासी मजदूर पूर्वी सिंहभूम जिले में आए हैं।

