
बिना कारण पत्रकार को थाने में रखने पर फूटा गुस्सा
बिहार के मधुबनी जिले में पत्रकारों और प्रशासन के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले के वरिष्ठ और प्रतिष्ठित पत्रकार अजयधारी सिंह को कथित तौर पर बिना किसी ठोस कारण के नगर थाने में घंटों बैठाकर रखे जाने के विरोध में रविवार को पत्रकारों की एक अहम जिला स्तरीय बैठक हुई। इस घटना को लेकर जिले भर के मीडियाकर्मियों में भारी आक्रोश है। अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए पत्रकारों ने लगातार तीसरे दिन भी बांह पर काली पट्टी बांधकर अपने कर्तव्यों का निष्पादन किया।

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क्या है पूरा मामला? जानिए क्यों है नाराजगी
जानकारी के अनुसार, बीते 23 मई की शाम को एक प्रतिष्ठित इलेक्ट्रॉनिक चैनल के वरिष्ठ पत्रकार अजयधारी सिंह को नगर थाना पुलिस द्वारा बुलाया गया था। आरोप है कि उन्हें लगभग चार घंटे तक थाने में बिठाकर रखा गया। इस दौरान न तो उन्हें बुलाने का कोई संतोषजनक कारण बताया गया और न ही किसी वरिष्ठ अधिकारी ने उनसे बात की। पूछने पर सिर्फ इतना कहा गया कि ‘जिलाधिकारी का ऑर्डर है’। काफी देर बाद रात करीब आठ बजे उन्हें थाने से जाने दिया गया। बिना किसी एफआईआर या शिकायत के एक वरिष्ठ पत्रकार के साथ हुए इस व्यवहार से प्रेस जगत आहत है।
वरिष्ठ पत्रकारों के नेतृत्व में रणनीति तैयार
इस घटना के विरोध में रविवार दोपहर वरिष्ठ पत्रकार गांधी मिश्र गगन के नेतृत्व में अजयधारी सिंह के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मधुबनी जिले के दर्जनों प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और यूट्यूब चैनलों से जुड़े पत्रकारों ने हिस्सा लिया। मधुबनी पत्रकार संगठन के निर्णय के अनुसार, शुक्रवार से ही सभी पत्रकार काली पट्टी लगाकर काम कर रहे हैं। बैठक में आगामी आंदोलन की रूपरेखा और रणनीति पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक पहुंचा मामला, धरने की चेतावनी
पत्रकारों ने जिला प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में प्रशासन के साथ सकारात्मक बातचीत नहीं होती है, तो वे जल्द ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। पत्रकारों ने इस गंभीर मामले की लिखित शिकायत देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह विभाग, बिहार के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) सहित तमाम आला अधिकारियों को पत्र भेजकर की है।
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जिलाधिकारी पर फोन न उठाने का आरोप
बैठक में शामिल पत्रकारों ने वर्तमान जिलाधिकारी (DM) की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। पत्रकारों का कहना है कि खबरों की पुष्टि या जिला स्तरीय मामलों को लेकर कॉल करने पर जिलाधिकारी अमूमन पत्रकारों का फोन नहीं उठाते हैं। पत्रकारों ने यह भी बताया कि वे धरने की अनुमति के लिए अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) की पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं, जिन्होंने फिलहाल सूचित किया है कि जिलाधिकारी छुट्टी पर हैं।
बैठक में ये पत्रकार रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में ब्रजमोहन मिश्रा, रमण कुमार मिश्रा, गांधी मिश्र गगन, अजय धारी सिंह, राजीव कुमार झा, गोविंद जोशी, प्रदिप कुमार, सुमित राउत, मोहम्मद करिमूल्लाह, आकाश मिश्र, शशी झा, वरुण झा, बिभूती रंजन, हरिशंकर प्रसाद, कल्याण जी, कार्तीय कुमार, शमीर मिश्रा, सुनिल कुमार सुमन, राजू प्रसाद, बैजू पजीयार, उदय कुमार झा और रजनीश के झा के साथ ही अन्य दर्जनों पत्रकार उपस्थित थे।


