शेखपूरा- जिला के परिवहन कार्यालय के सच का स्टिंग ऑपरेशन ,सुरक्षा कर्मी भी लगे दलालों के साथ दलाली करने में

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lalan kumar
ललन कुमार
शेखपुरा ।

शेखपुरा जिले के परिवहन कार्यालय का सच स्टिंग ऑपरेशन के जरिये हमारे सिनियर संवाददाता ललन कुमार ने सामने लाने काम किया है ।एक विडियो में शेखपुरा परिवहन कार्यालय के अंदर क्या चल रहा है इसकी तस्वीर भी आपके सामने है ।किस कदर इस कार्यालय के अंदर दलालों का कब्जा है । इससे अंदाजा लगाया जा सकता है । कोई भी व्यक्ति इस परिवहन कार्यालय में चाहे डाइविंग लाइसेंस बनवाने के काम से आया हो ,या अन्य काम से आया हो । कार्यालय के अंदर मौजूद दलाल उनसे अंदर घुसते ही संपर्क कर लेते है ।वे कार्यालय का स्टाफ बताकर उनका काम करवा देने का पूरी तसल्ली दे देते हैं ।तब लेन देन की बात उनके बीच तय होती है ।इतना ही नहीं कार्यालय में पदस्थापित सुरक्षा कर्मी भी उन दलालों को सुरक्षा देने का काम करते है और उनके साथ सुरक्षा कर्मी भी दलाली करने में डूबे रहते हैं।वीडियो में भी यह देखा जा सकता है ।कार्यालय सूत्रों ने बताया कि हर सुरक्षा कर्मी के जेब में परिवहन कार्यालय में काम करवाने के लिए किसी न किसी व्यक्ति का कागज जरूर मिल जाएगा ।सूत्रों ने बताया कि दलाल कार्यालय के अंदर काम करने वाले कम्प्यूटर आपरेटर से कमीशन पर काम करवाने के लिए ऑपरेटर के घर पर भी कागज देने चले जाते हैं ।वे ही अपने बैग के अंदर भर कर दर्जन भर कागज ऑफिस लाकर उसपर काम करके शाम में अपने घर पर दलाल को कागज थमा देते हैं और अपना निर्धारित कमिशन वे वसूल लेते हैं ।सूत्रों ने कहा कि अमित कुमार ही परिवहन कार्यालय का मुख्य दलाल है उसी के इशारे पर करीब 5 दर्जन दलाल कार्य कर रहे हैं ।अमित लखीसराय जिला से मुख्य रूप से दलाली करने परिवहन कार्यालय शेखपुरा हर दिन आता है ।वीडियो में नीले टी शर्ट में उसकी पहचान की जा सकती है।पुरे तौर पर कहा जा सकता है कि यह परिवहन कार्यालय पूरी तरह दलालों की चपेट में है ।हालांकि कई बार डीएम दिनेश कुमार ने दलालों से परिवहन कार्यालय के घिरे होने की बात मीडिया में आने पर औचक निरीक्षण भी किया था ।इस दौरान तीन दलाल नवीन शर्मा ,रघु कुमार,शैलेंद्र वर्मा को डीएम ने परिवहन कार्यालय के अंदर से ही धर दबोचा था ।जिस पर एफआईआर भी जिलाप्रशासन ने थाने में दर्ज करवाया था ।जिससे परिवहन कार्यालय में कुछ दिन तक हड़कम्प मचा रहा । इन्ही दलालो से मिलीभगत रहने के चलते तत्कालीन डीटीओ मो कामिल अख्तर से डीएम ने परिवहन कार्यालय का प्रभार भी छीन लिया और इस कार्यालय का प्रभार उन्होंने वरीय उपसमाहर्ता ज्ञान प्रकाश को दे दिया ताकि दलालों पर लगाम लगाया जा सके ।लेकिन इसके बाबजूद भी ऐसा होता नही दिख रहा है जो वीडियो की तस्वीरे बयां कर रही है ।

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