
रवि कुमाप झा

जमशेदपुर।
जिला के डुमरिय़ा थाना मे एक सबर ने अपने बच्चो को वापस दिलाने की आवेदन दिया है। वही पुलिस ने तप्तरता पुर्वक कार्रवाई करते हुए उसके एक बच्चे को वापस ला कर उसे सुर्पूद कर दिया है। जबकि दुसरे बच्चे की उम्र काफी कम और बीमार होने के कारण कागजी प्रक्रिया पुरी होने तक वही रखा गया है।इस बात की पृष्ठि मुंसाबनी के डी एस पी अजीत विमल ने भी की है।
क्या है मामला
डुमुरिया थाना क्षेत्र के बरुणिया गाव के रहने वाले भोटा सबर की पत्नी की मौत अप्रेल माह मे लु लगने से हो गई । भोटा सबर के 6 बच्चे वो भी सभी लड़का था। उसमे सबसे छोटे बच्चे की उम्र मात्र ढाई माह था। पत्नी की मौत के बाद उसे 6 बच्चे को संभालने मे परेशानी होने लगी। तो उन्होने कुछ स्थानिय लोगो की मदद ले अपने बच्चो को गोद देने का विचार किया । उसके बाद चतरा से एक निसंतान दपंति और पोटका के बांगो गांव की निसातन दपंती ने भोटा सबर के दोनो बच्चो को गोद लेने की पेश कश की। उस सबर ने गांव के कुछ लोगो की मदद से अपने ढाई साल के बेटे को चतरा के दंपति को सौपा । और जबकि ढाई माह के बच्चे को पोटका के दंपति को सौपा। जाते जाते दोनो दपंतियो ने और बच्चो के देख भाल के लिए कुछ पैसा सबर को दे दिया । हालाकि बच्चो सौपने की जानकारी गांव के सभी ग्रामीणो को नही थी। तो ग्रामीणो को लगा कि उसे इस सबर को ठग कर बेच दिया गया है।बस फिर क्या था ग्रामीणो ने उस बच्चे बेचने सबंधी बाते भोटा सबर के माध्यम से थाना मे लगाई। थाना वाले जिस के माध्यम से उस बच्चे को भेजा गया था । उससे पुछताछ के लिए थाना बुलाया गया। थाना मे सारा बाते पता चलने पर उसने पुन दोनो बच्चे के बारे मे पुलिस को बताया । पुलिस की छानबीन मे पता चला कि यहां पर किसी प्रकार की बच्चे की बेचने की बात नही हुई है। क
क्या कहते जिला प्रशासन के लोग
इस सर्दभ मे डी एस पी अजीत विमल ने बताया कि सबर जनजाति के दो बच्चो को दो अलग अलग परिवार के द्वारा गोद लेने का मामला प्रकाश मे आया है। सबर के द्वारा डुमुरिया थाना मे आवेदन दिये जाने के बाद एक बच्चे को चतरा से वापस लाया गया है और परिजनो को सौप दिया गया है । जबकि सबसे छोटे बच्चे जो अभी करीब 6 माह का है उसे कानुन के तहत गोद लिया जाएगा। फिलहाल वह पोटका मे है । उन्होने साफ तौर पर कहा कि यहां पर किसी भी बच्चे की खरीद बिक्री नही हुई है।
इस सर्दभ मे डुमुरिया प्रखण्ड के वी डीयो मृत्युजंय कुमार ने कहा कि बच्ची मां के मौत के बाद भुटा सबर के द्वारा प्रखण्ड कार्यलय मे एक आवेदन बच्चा नही संभाल पाने के आवेदन दिया था। इस पर सरकार कार्य कर रही थी। कि इस सर्दभ मे एक खबर स्थानिय अखबार मे छपी । स्थानिय अखबार मे खबर पढने के बाद कुछ लोग भोटा सबर से सर्म्पक किया और स्थानिय ग्रामीणो की मदद से भोटा सबर के दो बच्चो को लेकर चले गए। इस दौरान जो बच्चे लेने आए थे उस दंपति ने और बच्चो को देख भाल ठीक ढंग से हो उसको देखते हुए कुछ रुपये दिये।
उन्होने कहा कि जिला प्रशासन को जब इस बात की जानकारी हुई कि भोटा सबर के दोनो बच्चो को वापस लाया गया । चुकि सबसे छोटा बेटा जो है वो काफी कमजोर है इस कारण उसे हमलोगो ने एम जी एम मे रखने का फैसला लिया । बच्चे के सेहत को देखते हुए उसे पुन पोटका के दंपति को सौप दिया गया है। अब उस छोटे बच्चे को विधी विधान से उस बच्चे को सौपेगी।

