जमशेदपुर।
प्रदेश राजद की अहम बैठक रांची में संपन्न हुई, जिसमें चौंकाने वाला नतीजा सामने आया. बैठक में प्रदेश नेतृत्व की ओर से युवा नेता पुरेन्द्र नारायण सिंह को पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की गई. वहीं अपने नाम की घोषणा किए जाने के सवाल पर पुरेन्द्र नारायण सिंह ने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि चूंकि उनके आवासीय जिले में जहां से वे नगर परिषद् के सदस्य हैं वहां जिला प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा था जिसको लेकर वे काफी तनाव में थे. मीडिया में खबरों को देखकर पार्टी के वरीय नेताओं से बात करने उन्हें ज्ञात हुआ. उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा उन्हें जो जिम्मेवारी दी गई है उसपर खरा उतरने का प्रयास करेंगे एवं पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलेंगे. पार्टी से नाराज चल रहे वरिष्ठ नेताओं को मार्गदर्शक बताते हुए उन्होंने कहा कि घर में अनबन होने से कोई घऱ का विकास प्रभावित नहीं करते. उन्होंने नाराज नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को मना लेने का दावा किया.
घर पर जश्न मनाने से परहेज कियाः
वहीं पार्टी कार्यकरताओं एवं चाहनेवालों की ओऱ से बधाईयां देनेवालों का तांता लग गया. उन्होंने सभी की बधाईयां स्वीकार करते हुए जश्न मानाने से इंकार कर दिया. कारण पूछने पर उन्होंने बताया कि चूंकि गृह जिले में जिला प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है. जिससे वे काफी दुखी हैं जनता के दुःख की घड़ी में जश्न मनाने का वक्त सही नहीं है.
जिले में पार्टी का कोई सक्षम नेता नहीं होने का लाभ मिला पुरेन्द्र कोः देवता
वहीं पार्टी के अन्य युवा नेता देवप्रकाश देवता ने पुरेन्द्र के चयन गलत बताते हुए कहा कि पूर्वी सिंहभूम जिले में पार्टी के पास कोई सक्षम नेता नहीं होने का लाभ मिला. जिस पुरेन्द्र को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पार्टी से निलंबित किया गया था. उसी पुरेन्द्र के हाथों में एक जिले की कमान सौंपी गई. इससे साफ स्पष्ट होता है कि पार्टी के पास कोई विकल्प नहीं था.
