नई दिल्ली : सियाचिन में बर्फ की 35 फीट मोटी परत के नीचे छह दिन तक दबे रहे अद्भुत जीवट वाले फौजी हनुमनथप्पा अथक प्रयासों के बावजूद बचाए नहीं जा सके। सेना के अस्पताल में दो दिन तक उनके इलाज के लिए डॉक्टरों ने हरसंभव कोशिश की, लेकिन बुरी तरह प्रभावित हो चुके उनके शरीर पर दवाओं का कोई असर नहीं हो पाया और गुरुवार की दोपहर 11.45 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। 33 साल के इस योद्धा के निधन की खबर मिलते ही देश में शोक की लहर फैल गई। आम लोगों के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं अन्य तमाम नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है। भारतीय सेना के लांसनायक हनुमनथप्पा कोप्पड़ मद्रास रेजिमेंट की 19वीं बटालियन में तैनात थे। उनके परिवार में पत्नी महादेवी और दो साल की बेटी नेत्र है।
