जमशेदपुरः।
टाटा कंपनी द्वारा विस्थापितों एवं प्रभावितों के साथ- साथ डिमना डैम, सोनारी एयरपोर्ट के नाम पर ली गई जमीनों के अलावे कुल 18 मौजा के मूल रैयतों आदिवासी मूलवासी एवं खतियानधारियों से ली गई जमीनों को वापस दिलाने की मांग को लेकर झारखंड मूलवासी अधिकार मंच द्वारा गुरूवार को जिला मुख्यालय के समक्ष पारंपरिक हथियारों से लैस होकर प्रदर्शन किया गया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिले के उपायुक्त के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा. सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे हरमोहन महतो ने बताया कि जिला प्रशासन टाटा के मामले में किसी भी जांच करने से कतराती है. 18 मौजा के विस्थापितों द्वारा उनकी जमीनों को वापस किए जाने की मांग को लोकर कई बार जिला मुख्यालय पर प्रदर्सन किया गया. ज्ञापन सौंपे गए मगर नतीजा कुछ भी नहीं निकला. उन्होंने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार को टाटा प्रबंधन के हाथों की कठपुचली बताते हुए कहा कि इतने वर्षों से चली आ रही आदिवासियों मूलवासियों की मांगों पर किसी प्रकार की जांच अबतक नहीमं किया जाना इस बात का प्रमाण है. हद तो ये है कि जिनसे जमीनें ली गई हैं उन्हें अबतक न तो मुआवजा ही मिला है न ही नौकरी मिली है. उन्होंने कहा कि अब भी यदि जिला प्रशासन द्वारा उनकी मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जाती है तो वे जोरदार आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे.



