जमशेदपुर-ओड़िशा के टाटा स्टील माइन्स को इंडियन ब्यूरो ऑफ माइन्स ने 21 पुरस्कारों से सम्मानित किया

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जमशेदपुर.
खदान प्रबंधन में अपनी उत्कृष्टता को बरकरार रखते हुए टाटा स्टील के सुकिन्दा क्रोमाइट माइन, मैंगनीज ग्रुप ऑफ माइन्स एवं जोडा ईस्ट, काटामाटी एवं खोंदबोंद आयरन माइन्स ने इंडियन ब्यूरो ऑफ माइन्स (आईबीएम), भुवनेश्वर के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा मनाये जा रहे 18 वें पर्यावरण एवं खनिज संरक्षण सप्ताह के दौरान व्यक्तिगत संवर्ग में दो पुरस्कारों समेत विभिन्न संवर्गों में कुल 21 पुरस्कार जीते हैं।

इसकी फेरो एलॉयज और मिनरल डिवीजन के तहत कार्यरत टाटा स्टील की प्रमुख खदानों ने कुल 12 पुरस्कार प्राप्त किये। टाटा स्टील के सुकिंदा क्रोमाइट माइन ने राज्य के सुंदरगढ़ और क्योंझर सर्किल को छोड़कर अन्य हिस्सों की पूर्णतः मशीनीकृत खदानों में कुल 4 पुरस्कार जीते। इसने समग्र प्रदर्शन में प्रथम पुरस्कार, इंस्टॉलेशन और मेकेनिकल बेनिफिशिएशन के इस्तेमाल में प्रथम पुरस्कार, न्वॉयज़, वाइब्रेशन, साइंटिफिक स्टड़ीज एवं एस्थेटिक ब्यूटी में प्रथम पुरस्कार एवं प्रचार और प्रोपेगेंडा में द्वितीय पुरस्कार हासिल किया। टाटा स्टील के सुकिंदा क्रोमाइट माइन के स्टेवर्ट स्कूल की नौवीं कक्षा की छात्रा सुश्री इंद्राणी भांजा ने अंग्रेजी पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार जीता। उल्लेखनीय है कि हाल ही में टाटा स्टील की सुकिंदा क्रोमाइट माइन को भारत सरकार के खनन मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित अवधारणा सस्टेनेबल डेवलपमेंट फ्रेमवर्क के पाइलट प्रोजेक्ट को क्रियान्वित करनेवाला देश का पहला माइन बनने का गौरव हासिल हुआ है।

इसी तरह टाटा स्टील मैंगनीज ग्रुप ऑफ माइन्स को भी पूर्ण मशीनीकृत खदानों से इतर संवर्ग में 6 पुरस्कार हासिल हुए हैं। इसके जोडा वेस्ट मैंगनीज माइन ने समग्र प्रदर्शन में प्रथम पुरस्कार, वेस्ट डम्प मैनेजमेंट के संवर्ग में प्रथम पुरस्कार, पब्लिसिटी एवं प्रोपेगेंडा में प्रथम पुरस्कार एवं वनरोपण में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। मालदा मैंगनीज माइन ने सबग्रेड मिनरल्स के मैनेजमेंट में प्रथम पुरस्कार, बामेबारी मैंगनीज माइन ने रिक्लेमेशन एवं पुनर्वास में द्वितीय पुरस्कार एवं माइन के श्री के बेहरा ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिए एक्जीक्यूटिव संवर्ग में पर्यावरण बंधु अवार्ड प्राप्त किया।

ओडिशा के क्योंझर जिले के पूरी तरह मशीनीकृत माइन्स के संवर्ग में टाटा स्टील के ओर, माइन्स एवं क्वैरीज डिवीजन के माइन्स ने कुल 9 पुरस्कार हासिल किये। जोडा ईस्ट आयरन माइन (जेईआईएम) ने वनरोपण व सबग्रेड मिनरल के मैनेजमेंट के संवर्ग में प्रथम पुरस्कार, समग्र प्रदर्शन एवं मेकेनिकल बेनिफिशिएशन के इंस्टॉलेशन एवं इस्तेमाल में द्वितीय पुरस्कार एवं रिक्लेमेशन और पुनर्वास में तृतीय पुरस्कार हासिल किया। जेईआईएम के श्री एम.के. गिरी को नन-एक्जीक्यूटिव संवर्ग में पर्यावरण बंधु पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसी तरह, खोंदबोंद आयरन माइन को न्वॉयज़, वाइब्रेशन, साइंटिफिक स्टडीज एवं एस्थेटिक ब्यूटी संवर्ग में प्रथम पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। काटामाटी आयरन माइन को टॉप स्वॉयल मैनेजमेंट में प्रथम पुरस्कार एवं पब्लिसिटी व प्रोपेगेंडा के संवर्ग में तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

ये पुरस्कार 6 फरवरी, 2016 को समापन समारोह में प्रदान किया गये। इस समारोह में श्री आरके सिन्हा, खदान महानियंत्रक, आईबीएम, श्री दीपक मोहंती, खदान निदेशक, ओडिशा सरकार, श्री ए बी पाणिग्रही, खदान नियंत्रक, सेंट्रल जोन, आईबीएम, श्री एम बिश्वास, खतान नियंत्रक, आईबीएस, भुवनेश्वर, श्री एम सी थॉमस, जेनरल मैनेजर, ओएमक्यू, टाटा स्टील, श्री मणिकांत नायक, चीफ रेजिडेंट एक्जीक्यूटिव, टाटा स्टील, भुवनेश्वर, कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी, यूनियन के सदस्य एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

18 जनवरी से 23 जनवरी, 2016 तक चले खदान, पर्यावरण व खनिज सप्ताह के तौरान आईबीएम के निरीक्षण दल ने 70 प्रतिभागी खदानों का दौरा किया और वनरोपण, टॉप स्वॉयल मैनेजमेंट, रिक्लेमेशन एवं पुनर्वास, सबग्रेड मिनरल के मैनेजमेंट, मेकेनिकल बेनिफिशिएशन के इंस्टॉलेशन एवं इस्तेमाल, क्रशिंग, एयर क्वालिटी मैनेजमेंट, सेडिमेन्टेशन एवं माइन्स की एस्थेटिक ब्यूटी एवं जल के प्रबंधन का मूल्यांकन किया।

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