जमशेदपुर,। संसदीय कार्य, खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री सरयू राय ने गणतन्त्र दिवस के अवसर पर गोपाल मैदान में आयोजित समारोह में राष्ट्रध्वज फहराया एवं तिरंगे को सलामी दी।
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मंत्री श्री राय ने कहा कि आज हमारे देश के सामने आंतरिक और बाहरी चुनौतियाँ हैं। जमशेदपुर भी अंतरराष्ट्रीय आंतकवाद के नजरिये से अत्यंत संवेदनशील हो चूका है। विभाजनकारी ताकतॉ और आतँकवादी समूहों के निशाने पर है मगर यहाँ की जनता और पुलिस, प्रशासन ऐसी ताकतों का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं। श्री राय ने कहा कि भारत विश्वशक्ति के रूप में तेज़ी से उभर रहा है। यही कारण है कि अब दुनिया की बड़ी ताकतें भारत को सम्मान की दृष्टि से देख रही हैं। आतंकवाद से लड़ने में मदद कर रही हैं।
श्री राय ने कहा की संविधान में सबको बराबर का दर्जा दिया गया है। मगर आज आर्थिक असमानता बढ़ रही है। पण्डित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ लोहिया के समाजवादी ढांचे को याद करते हुए उन्होंने कहा कि आज पूंजी का केंद्रीकरण हो रहा है। दुनिया की अधिकांश पूंजी मात्र 62 लोगों के हाथ सिमट गयी है। इसलिए सिर्फ विकास ही पर्याप्त नहीं है। विकास समावेशी होना चाहिए और वह समावेशन न्यायपूर्ण होना चाहिए। बातें कम और काम ज्यादा का मन्त्र याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ बातों से साख घटती है। काम खुद बोलता है। मंत्री ने जनप्रतिनिधियों को सम्विधान के अनुसार आचरण करने की सलाह देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों के आचरण से देश की साख घटती है तो सम्विधान को धक्का लगता है। मंत्री ने कहा कि उन्होंने सरकार को सुझाव दिया है कि बजट की राशि सीधे जिलों को भेजी जाये क्योंकि हर जिले की जरुरत भिन्न हो सकती है। राशि को जिलों में भेजने से वहां की आवश्यकता के अनुसार योजना बनाई और राशि खर्च की जा सकती है।




