ललन कुमार शेखपुरा । जिला परिसद अध्यक्ष बनाने में भाजपा और राजद की एकजुटता ने राजनीति के धुरंधरों को सोचने के लिए विवश कर दिया है ।आने वाले दिनों में कोई नया राजनीति खेल भी देखने को मिल सकेगा ।एक तरफ जहां राजद के पूर्व अध्यक्ष बालेश्वर यादव,शंभु यादव समेत अन्य स्थानीय बड़े नेता भाजपा के जिलाध्यक्ष की पत्नी निर्मला देवी को जिला परिसद की अध्यक्षा बनाने के लिए किंग मेकर की भूमिका में रहे ।वहीँ दूसरी तरफ जदयू और कांग्रेस के खेमों के नेताओ में इस गोलबंदी को लेकर अध्यक्ष की कुर्सी हथियाने में मायूसी दिखी। महागठबंधन में कांगेस के स्थानीय धुरंधरों को जिला परिसद की अध्यक्ष की कुर्सी में विश्वासघात का सामना करना पड़ा ।अब यह सवाल उठता है कि कहीं बड़े नेताओं के इशारे पर ही तो यह खेल जदयू और कांग्रेस को पटकनी देने के लिए नही खेला गया ।चाहे जो भी हो राजद जदयू में सैद्धांतिक तौर पर गठबंधन जरूर है ,लेकिन व्यवहारिक रूप में नहीं देखा जा रहा है ।राजद और जदयू व कांग्रेस के नेताओं में औपचारिकता पर ही गठबंधन टिका है ।




