यूसिल अस्पताल की कुव्यवस्था की खुली पोल
अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से सड़ा यूसिलकर्मी का शव
परिजनो ने किया जमकर हंगामा
जमशेदपुर।
जहाँ यूसिल सीएमडी का प्रयास हमेशा लोगो को अच्छा से अच्छा सेवा देने पर रहता है वही जिम्मेदार अधिकारी हमेशा उनके सपनो को तोड़ने का काम करते है सीएमडी द्वारा प्रयावरण को नुक्सान नहीं हो इसके लिए लगाया गया इंसुलेटर भी महीनो से खराब पड़ा है । सोमवार को जादूगोड़ा स्थित यूसिल अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ जिसके बाद यूसिल अस्पताल की कुव्यवस्था सबके सामने आ गयी मामला इस प्रकार है । पूर्व यूसिल कर्मी 70 वर्षीय नीलकंठ बारीक की मौत तीन दिन पहले हो गयी थी नीलकंठ बारीक के तीन लड़के है जिसमे से बड़ा लड़का प्रवीर बारीक फौज में काम करता है परिजनों ने उसके आने का इंतज़ार के लिए शव को यूसिल अस्पताल के शवदाह गृह ऱखवा दिया । जब शव को लेने शवदाह गृह पहुंचे तो देखा की शव खराब हो चुका था । शव को खराब देख परिजनों ने जमकर हंगामा किया और दोषियो पर करवाई की मांग करने लगे।बताया जाता था कि अस्पताल मे जो शव दाह गृह का ए सी है वह खऱाब हो चुका है लेकिन अस्पताल प्रबंधन इस सर्दभ मे कोई घ्यान नही दे रहा है।
मृतक के बड़े बेटे प्रवीर बारीक ने कहा की यूसिल अस्पताल के प्रबंधन के कारण उनके पिता का शव बरबाद हो गया। उन्होंने कहा की अस्पताल के सीएमओ एम् जिम्मेदार कर्मचारियों पर कड़ी कारवाई होनी चाहिये ताकि और किसी के साथ ऐसी घटना न हो । वही जादूगोड़ा के ग्रामीणों ने कहा की अस्पताल भगवान् भरोसे चल रहा है प्रबंधन पूरी तरह फैल है केवल बयानबाजी तक रह गया है ग्रामिणो ने कहा की कहाँ प्रबंधन प्रेस कॉन्फ्रेंस में करोडो खर्च करने का दावा करता है वही मुर्दाघर में लाश सड़ जाता है यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है ग्रामीणों ने कहा की यूसिल के सीएमडी को इसपर संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिये ।
इस घटना के बाद अस्पताल के सभी कर्मचारी एक दूसरे पर लापरवाही का आरोप लगाने लगे । अस्पताल के सहायक मैनेजर यूपी राय ने कहा की इसके लिए वे दोषी नहीं है और वे कोई स्पष्ट जवाब नहीं देकर टालमटोल करते रहे ।
