रांची।
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य सरकार अब सरकारी स्कूलों के नौवीं व दसवीं के बच्चों को कोचिंग देगी ताकि सरकारी स्कूलों के बच्चे भी निजी स्कूलों के बच्चों की तरह प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि राज्य के जो प्रखंड सबसे अधिक पिछड़े हैं, पहले उन्हें लक्ष्य कर काम किया जायेगा। आदिम जनजाति परिवारों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आय बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्हें सक्षम बनाकर गरीबी रेखा से उपर उठाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वे आज प्रोजेक्ट भवन स्थित सभागार में विभिन्न विभागों द्वारा एन0जी0ओ0 के साथ किये जा रहे एम0ओ0यू कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा कि जब तक गांव में शिक्षा की रोशनी नहीं पहुंचेगी, गांवों का समुचित विकास नहीं किया जा सकता है। गांव में गरीबी है, इस कारण बच्चों को शिक्षा नहीं मिल पाती है। ऐसे क्षेत्रों में काम करने से मन को संतुष्टि और शांति मिलती है।
कार्यक्रम में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा एम0ओ0यू किया गया। इसके तहत 16 जिलों के 66 प्रखंड में पहले चरण में काम होगा। इसमें ऐसे बच्चों का चयन किया जायेगा, जो अपने स्तर से निचली कक्षाओं की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें प्रशिक्षित और प्रोत्साहित किया जायेगा। इससे 6.5 लाख बच्चों को फायदा होगा। दूसरे एम0ओ0यू0 में कल्याण विभाग द्वारा ग्रामीणों की आय वृद्धि योजना बनायी गयी है। इसमें पहले चरण में दुमका और प0 सिंहभूम जिले में 2000 गरीब परिवारों को संसाधन देकर उनकी आमदनी बढ़ाने का काम किया जायेगा। प्रति परिवार 13,500 रुपये की परिसंपत्ति उपलब्ध करायी जायेगी। तीसरा एम0ओ0यू0 खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा किया गया। इसमें हैंडहेल्ड मशीन के उपयोग से जनवितरण प्रणाली व्यवस्था में सुधार का मूल्यांकन किया जायेगा। बायोमैट्रिक प्रणाली के आधार पर खाद्यान्न का वितरण किया जायेगा।
एम0ओ0यू0 के दौरान विकास आयुक्त श्री अमित खरे, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सनील कुमार वर्णवाल, कल्याण विभाग के सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, खाद्य, सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव श्री विनय चैबे, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की निदेशक बी0 राजेश्वरी समेत अन्य लोग उपस्थित थे।




