
जमशेदपुर* – किसानो के मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से चार सदस्यीय कमेटी का गठन आश्चर्यजनक है। ऐसे लोगों को कमेटी में रखा गया है जो पहले से किसानों के आंदोलन को अनुचित बता रहे थे।सुप्रीम कोर्ट ने भूपिंदर सिंह मान, अनिल खनवत, अशोक गुलाटी और डॉ पी के जोशी को शामिल किया है, जो पहले से किसान विरोधी मानसिकता से ग्रसित हैं; इस स्थिति में समाधान कैसे निकलेगा।
अब आंदोलनरत किसानों को सुप्रीम कोर्ट से भी विश्वास उठ गया। किसानों के समक्ष आंदोलन जारी रखने के सिवा कोई उपाय नहीं है। अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने उक्त बातें कही है। उन्होंने कहा है कि सरकार को पैतरेबाजी छोड़ कर समाधान की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट से समस्या का समाधान नहीं होने वाला है। इस कमेटी को भंग कर देना चाहिये। इस प्रकरण से सुप्रीम कोर्ट की गरिमा को धक्का लगा है। अगर केंद्र सरकार तिकड़मबाजी से किसान आंदोलन समाप्त करना चाहती है तो मुलागते में है। यह आंदोलन अब देशभर में फैल चुका है। आगे कहा कि यह आंदोलन मोदी सरकार का पतन कर देगी।



