पटना । राजेश तिवारी
राज्य के 22 जिलों में चिकेन पॉकस का प्रकोप है | सबसे अधिक मुजफरपुर ,मधुबनी और पटना के लोग इससे पीड़ित है | चार मरीजों की मौत हो चुकी है पीड़ितों में सबसे अधिक बच्चे है | पटना जिले में जयादा प्रकोप पटना के पालीगंज और दुल्हिन बाजार में सबसे जयादा इसका प्रकोप देखा जा रहा है | राजधानी में करीब -करीब हरेक मोहले में इसके मरीज मिल जाएगे ,स्वासथ विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अरवल ,बाँका ,बेगूसराय ,भोजपुर ,गोपालगंज ,जहानाबाद ,जमुई ,खगड़िया ,कटिहार ,मधुबनी
मुंगेर, मुजफरपुर ,नवादा ,नालन्दा ,पटना ,पूर्णिया ,शकपुरा ,शिवहर ,समस्तीपुर ,और सिवान मे 4 जनवरी से 17 अप्रैल तक 3822 मरीजों में इस बीमारी की पुस्टि हुई है |
प्रभावित जिलों मे मुजफरपुर अवल
सबसे अधिक प्रभावित जिलों में मुजफरपुर है | जहां चिकेन फॉक्स के 1216 मरीज पाए गए है मधुबनी में 720,पटना में 572 ,मुंगेर में 243 ,बाका में 131 ,जहानाबाद में 107 ,समस्तीपुर में 91 ,नालंदा 87 सीवान में 80 मरीज पाये गए है | फरवरी में मुजफरपुर में दो तथा मार्च में मधुबनी में में दो इस बीमारी से मौत हो
गई | अभी भी इन जिलों में लगभाग 12 सौ मरीजों का उपचार चल रहा है स्वासथ विभागों के अधिकारी का कहना है की बीमारी का प्रकोप जनवरी से मार्च तक अधिक था ,लेकिन अब प्रकोप घट रहा है |
14 दिन मरीज से बच्चों को दूर रखे
पीएमसीएच के मेडिसिन विभाग के डॉक्टर विरेंद्र प्रसाद सिन्हा का कहना है की चिकेन पॉक्स से पीड़ित मरीज से बच्चों को 14 दिन तक दूर रखे सरकरमन का अधिक खतरा रहता है जिस घर में बीमारी का प्रकोप हो जाता है वहां दूसरे बच्चे में भी होने का अधिक खतरा रहता है | इसलिए विशेस सावधानी बरतनी चाहिए |




