जमशेदपुर। मंगलवार 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय मानवधिकार एसोसिएशन (आईएचआरए) महिला प्रकोष्ठ द्धारा अपने हक के लिए महिलाओं को जागरुक बनाने के उदेश्य से साकची स्थित एक होटल में आयोजित हुए कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में उपस्थित महिलाओं ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा दिया और कन्या भ्रुण हत्या का जमकर विरोध तथा डायन प्रथा के प्रति ग्रामीण महिलाओं को जागरूक करने का संकल्प लिया गया। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अच्छा काम करने वाली कई ग्रामीण महिलाओं को पुरस्कृत भी किया गया।.
इस मौके पर अतिथि के रुप में जंसीता केरकेटा, डीएसपी सीसीआर, प्रियंका आनन्द, महिला थाना प्रभारी साकची, कमाल अख्तर, आईएचआरए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, बुलूरानी सिंह, जिला पार्षद अध्यक्ष, जमशेदपुर प्रखण्ड उपप्रमुख अफजाल अख्तर और सरस्वती टुडू, अध्यक्ष जमशेदपुर प्रखंड मुखिया संघ उपस्थित थे। सम्मानित अतिथि के रूप में जमशेदपुर प्रखण्ड के पंचायत समिति की नवनिर्वाचित एक दर्जन से अधिक महिलाएं शामिल थी। आईएचआरए की राष्ट्रीय महासचिव उषा सिंह के नेत्तृव में संस्था की महिलाओं ने सभी अतिथियों को फृलों को गुलदस्ता और मोंमेंटो देकर तथा चुदड़ी ओढ़ाकर सम्मानित किया।
इस मौके पर अतिथि डीएसपी सीसीआर जंसीता केरकेटा ने आईएचआरए की महिलाओं द्धारा किये जा रहे कार्यों की प्रशांसा करते हुए कहा कि कहते हैं जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवता बसते हैं। यह हमारे भारतीय संस्कारों के मूल में है। महिलाओं का यकीन क्रांतिकारी बदलावों में नहीं रहता, क्योंकि इनकी उम्र लंबी नहीं होती।
जमशेदपुर प्रखण्ड उपप्रमुख अफजाल अख्तर ने कहा कि झारखंड सरकार महिलाओं के लिए कई योजनाएं चला रही है, लेकिन जानकारी के अभाव में सबको उसका लाभ नहीं मिल पा रहा हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ सबको मिले इसके लिए खासकर ग्रामीण महिलाओं में जागरूकता लानी जरूरी है।
छोटी-छोटी कोशिशों से समाज में बड़ा बदलाव आना तय- कमाल अख्तर
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश शहर से अधिक गांव-गंाव में पहुॅचाने के लिए पंचायत समिति की नवनिर्वाचित महिलाओं को संगठन की तरफ से हर संभव सहयोग करने की बात आईएचआरए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कमाल अख्तर ने कही। कमाल अख्तर ने आगे कहा कि छोटी-छोटी कोशिशों से समाज में एक दिन बड़ा बदलाव आना तय है। कुछ ऐसी ही सोच आईएचआरए से जुड़ी महिलाओं का हैं। उनकी स्पष्ट सोच है कि उन्हें अपने परिवार, अपने कॅरियर से अधिक समाज के लिए कुछ करना है। महिलाएं अपने अधिकार का सही प्रयोग कर ही क्षेत्र के साथ-साथ राज्य के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित कर सकती हैं।
स्त्री शांति और शक्ति दोनों का प्रतीक- उषा सिंह
उषा सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सबको सामान अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को जागरुक करते हुए आगे कहा कि महिलाओं के खिलाफ हो रहे जुल्मों-सितम को रोकने, उसके खिलाफ संघर्ष को नई आवाज देने के एकजुट होकर महिलाओं में जागरूकता लाने के लिए सभी महिलाओं को आगे आने की जरूरत हैं। उषा सिंह ने आगे कहा कि महिलाओं ने हर क्षेत्र और जीवन के हर स्तर पर अपने लिये एक जगह बना ली है। आज स्त्री समाज की आत्मशक्ति है। इसी शक्ति के माध्यम से समाज का भविष्य सुनहरा होता है। स्त्री शांति और शक्ति दोनों का प्रतीक है इसीलिए हमने हमारे देश और जन्मभूमि को भारत माता माना है। भारत मां जिसने अपनी कोख से कई स्त्री रत्नों को जन्म दिया। जिन्होंने हमारे देश का नाम रोशन किया। आज उसने हर क्षेत्र और जीवन के हर स्तर पर अपने लिये एक जगह बना ली है। आज स्त्री समाज की आत्मशक्ति है। इसी शक्ति के माध्यम से समाज का भविष्य सुनहरा होता है।
इस मौके पर प्रमुख रूप से आईएचआरए महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष चंदना चटर्जी, सुष्मिता सरकार, अर्पणा राजू, अंकिता दास, विनिता राय, फातिमा खातुन, अलिशा तिर्की, धर्म पाल समेत सैकड़ों की संख्या में महिलायें उपस्थित थी।
